लखनऊ. ‘I want to see a world without oppression’. ये लाइन इंस्टाग्राम पर प्रतीक यादव के अकाउंट पर लिखी हैं. इसका मतलब होता है ‘मैं ऐसी दुनिया देखना चाहता हूं, जहां किसी के साथ उत्पीड़न न हो.’ सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले प्रतीक ने अपने अकाउंट के बायो पर जो कुछ लिखा, वही उनके मन में भी चल रहा था. इन पोस्ट को देखकर समझा जा सकता है कि पिछले कुछ महीनों से उनकी जिंदगी में सब कुछ सामान्य नहीं था.

19 जनवरी, 2026 को उनका पत्नी अपर्णा यादव से विवाद हुआ था. इसके बाद उन्होंने जो भी पोस्ट किए, उनमें ज्यादातर विदेश में घूमने के थे. उन्होंने 8 महीने में पत्नी अपर्णा के साथ कोई तस्वीर भी पोस्ट नहीं की. हालांकि, तलाक की बात का पटाक्षेप करने के लिए प्रतीक ने 28 जनवरी को पत्नी अपर्णा के साथ एक तस्वीर शेयर कर लिखा था- All is Good यानी सब अच्छा है. चैंपियन वो होते हैं जो अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल समस्याओं को खत्म कर देते हैं. हम चैंपियंस का परिवार हैं. लेकिन, बाद में उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दी थी.

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बता दें कि बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन हुआ था. पीएम रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव की मृत्यु का मुख्य कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) रहा। यानी उनके फेफड़ों की धमनियों (रक्त वाहिका) में खून का एक बड़ा थक्का (Blood Clot) फंस गया था. इस स्थिति के कारण फेफड़ों तक होने वाला खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक पूरी तरह बाधित हो गया. चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को बेहद गंभीर माना जाता है, जिसमें मरीज को संभलने का मौका मिलना बहुत मुश्किल होता है.

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया था कि ऑक्सीजन और रक्त की सप्लाई अचानक रुकने से उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई. रक्त प्रवाह बाधित होने के कारण दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव (Pressure) बढ़ गया था. बड़ा ब्लड क्लॉट बनने की वजह से उनकी सांसें अचानक थम गईं, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बना.