लखनऊ. अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा, भाजपा सरकार में महिलाएं और बेटियों के साथ अपराध की घटनाएं बहुत बढ़ गई है. गाजीपुर हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर में बेटियों के साथ जघन्य घटनाएं हुई. पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला. भाजपा सरकार में किसी को न्याय नहीं मिल रहा है. समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने गाजीपुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आर्थिक मदद दी है. गाजीपुर के पीड़ित परिवार को न्याय मिले और समाजवादी पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं पर लगाए गए झूठे मुकदमें वापस हो.
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आगे उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विपक्षी दलों के नेताओं को झूठे मुकदमें लगाकर परेशान कर रही है और अपने सजातीय अपराधियों को बचाती है. प्रतापगढ़ में दलित बेटी के साथ घटना हुई, फतेहपुर में मौर्या बेटी के साथ गलत करने वाला भाजपा संगठन का पदाधिकारी है. आरोपी को भाजपा के लोग और मुख्यमंत्री जी खुद बचा रहे हैं, क्योंकि आरोपी उनका स्वजातीय है. इसी तरह से गाजीपुर में बवाल करने और जातियों के बीच झगड़ा लगाने वाले मुख्यमंत्री जी के सजातीय है, इसीलिए कोई कार्रवाई नही हो रही है.
अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा राज में अपराध पर जीरो टॉलरेंस का दावा झूठा है. सरकार अपराधियों को संरक्षण देती है. पीड़ितों पर दबाव डाला है, अपमानित किया जाता है. भाजपा सरकार ने पूज्यनीय शंकराचार्य जी को भी परेशान किया, उनके खिलाफ झूठे मुकदमें लगाया। भाजपा सनातन विरोधी है. क्या यही सनातनी परम्परा है कि शंकराचार्य जी को अपमानित किया जाए? भाजपा लोकतंत्र और संविधान विरोधी है.
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आगे उन्होंने कहा, यूपी के रामपुर के उपचुनाव की तरह बंगाल में मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए सेंट्रल फोर्स को तैनात कर बड़े पैमाने पर उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को भेजा गया है. भाजपा बंगाल में रामपुर मॉडल पर बेईमानी करना चाहती है. भाजपा ने अधिकारियों को बंगाल में चुनाव जिताने के लिए लालच दिया हैं, वोटरों को मतदान से रोकने के लिए अन्याय की पूरी छूट दी गई है. केन्द्रीय बलों के अधिकारी कई दिनों से कैम्प कर रहे हैं. भाजपा ने अधिकारियों को अपने पक्ष में कार्य करने का दबाव बना रही है. उसी का परिणाम है, एक आईपीएस बंगाल में नाच रहा है. उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
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