आगरा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया. इस योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए.

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षक का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है. उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब दुनिया अंधकार में थी, तब भारत ज्ञान का मार्ग दिखा रहा था. उन्होंने तक्षशिला के प्रसिद्ध वैद्य जीवक का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शिक्षक समाज के ‘योजक’ होते हैं, जो प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता को पहचानकर उसे सही दिशा देते हैं.

मुख्यमंत्री ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि आज पठन-पाठन का माहौल कमजोर पड़ता जा रहा है. पहले विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के साथ समाचार पत्र और संदर्भ पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रेरित किया जाता था, लेकिन आज पुस्तकालय वीरान हो गए हैं. न शिक्षक वहां जा रहे हैं और न ही विद्यार्थी. उन्होंने शिक्षकों से अध्ययन और पुस्तकालय संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया.

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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह योजना शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करती है. इससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें कैशलेस चिकित्सा की सुविधा दी है. मंत्री ने शिक्षकों से इस कार्ड को अपने परिवार के लिए सुरक्षा कवच और संकट के समय जीवनरक्षक व्यवस्था के रूप में देखने का आग्रह किया.