लखनऊ. सूबे की सियासत में राम मंदिर का मुद्दा तुल पकड़ता नजर आ रहा है. पक्ष हो चाहे विपक्ष सभी इस मुद्दे पर राजनीति करते नजर आ रहे हैं. इन सबके बीच अखिलेश यादव के अयोध्या को धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने वाले बयान पर सीएम योगी ने पलटवार किया है. सीएम योगी ने कहा, आप क्या अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे. रामभक्तों पर गोली आपकी ही सरकार ने चलवाई थी.
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आगे सीएम योगी ने कहा, अयोध्या को रामभक्तों ने सजा-संवार दिया है. आप उसकी चिंता मत करिए, पहले पश्चाताप करिए और एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी. योगी ने आगे कहा कि यदि अखिलेश यादव में हिम्मत है तो मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी खुलकर बोलें. भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए.
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आगे सीएम योगी ने कहा, आपमें हिम्मत नहीं है, क्योंकि आप मुल्ला और मौलवियों के आगे घुटने टेकते हैं. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास अयोध्या, मथुरा या प्रदेश के विकास को लेकर कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है. खिसियानी बिल्ली वाली कहावत को चरितार्थ मत करो. अयोध्या किसी पहचान की मोहताज नहीं है. अयोध्या की अपनी पहचान है.
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क्या कहा था अखिलेश यादव ने
अखिलेश ने एक्स पर लिखा था कि ‘हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्वभर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे. प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे. इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे.’

