लखनऊ. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने बिजली और कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा, सपा का मतलब है अंधकार, इसलिए उनके शासन में बिजली का कोई मतलब नहीं था. भाजपा का मतलब ही है प्रकाश, इसलिए उसकी सरकार में बिजली जाती नहीं है. यह बात साफ है कि भाजपा व सपा की सोच में जमीन-आसमान का फर्क है.

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सपा शासन में पेंशन 300 रुपये महीना थी, जबकि आज विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन में हर एक को 1500 रुपये महीना दिया जा रहा है. सपा का मतलब था वादे बड़े और जमीनी हकीकत शून्य. दरअसल, वादाखिलाफी सपा के खून में है. जगजाहिर है कि सपा बहादुर अखिलेश यादव के शासन के समय यूपी से पलायन, गुंडागर्दी, ज़मीनों-मकानों पर कब्जा आम बात थी. सुबह घर से निकलने के बाद शाम को सुरक्षित लौटने की गारंटी नहीं थी.

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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार से हालात बदले हैं. लगातार बिजली आपूर्ति, 1500 पेंशन, फ्री राशन, फ्री इलाज, निजी नलकूपों को फ्री बिजली, गांव-गांव तक सड़क, हर घर नल से जल, किसानों को सालाना 6000 सम्मान निधि. फर्क साफ है. सपा का दौर अव्यवस्था और डर का था, भाजपा का दौर सुशासन और विकास का है. जनता अब भाषण नहीं, काम देखती है. जय भाजपा, जय डबल इंजन सरकार.