सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी तरीके से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बिजनौर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल समेत कई राज्यों के लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन तैयार कर उन्हें व्हाट्सएप के जरिए भेजता था. इसके लिए वह ऑनलाइन परीक्षा और वीडियो सत्यापन प्रक्रिया को कथित रूप से तकनीकी तरीके से दरकिनार करता था. एसटीएफ ने उसके घर पर छापेमारी कर दो लैपटॉप, एक स्मार्टफोन, चार कूटरचित आधार कार्ड, चार एटीएम कार्ड, एक वाई-फाई राउटर और तीन चेकबुक बरामद किया है.
इसे भी पढ़ें- सपा का आना मतलब, UP का… ओपी राजभर का सपा सुप्रीमो पर तीखा हमला, जानिए अखिलेश यादव को लेकर ऐसा क्या कह दिया?
एसटीएफ के मुताबिक, पिछले कई दिनों से विभिन्न राज्यों में फर्जी तरीके से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ फील्ड इकाई बरेली अब्दुल कादिर के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने जांच के दौरान आरोपी के बारे में अहम जानकारी जुटाई.
पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि वह परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करता था. जिन लोगों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती थी, उनसे पैसे लेकर वह पूरा काम स्वयं करता था. आवेदन के दौरान आधार ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऑनलाइन परीक्षा भी वह खुद ही देता था.
इसे भी पढ़ें- योगी जी ऐसे कैसे आएगा रामराज? छेड़छाड़ का विरोध करने पर दबंगई, युवकों ने मामा-भांजी को लाठी-डंडों से पीटा, यही है जीरो टॉलरेंस नीति!
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन परीक्षा के दौरान वीडियो सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए ब्राउजर में एक एक्सटेंशन का इस्तेमाल करता था. इसके जरिए आधार ई-केवाईसी से प्राप्त फोटो का उपयोग कर परीक्षा की प्रक्रिया पूरी की जाती थी. इसके बाद तैयार लर्निंग लाइसेंस की पीडीएफ कॉपी व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित व्यक्ति को भेज दी जाती थी. आरोपी इस काम के बदले यूपीआई के जरिए अपने बैंक खाते में भुगतान प्राप्त करता था.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल समेत अन्य राज्यों के लोगों के लर्निंग लाइसेंस बनाकर भेजता था. इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है. हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जांच जारी है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान इब्राहिम अंसारी पुत्र जाहिद हुसैन, निवासी ग्राम फुलसंदा हीरा, थाना नहटौर, जनपद बिजनौर के रूप में हुई है.

