लखनऊ. वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस सियासी बखेड़ा शुरू हो गया है. कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने की बात कही है. अब इसे लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर है. इन सबके बीच डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई. गांधी परिवार और उसकी जेबी कांग्रेस का आज भी यही हाल है.
आगे केशव मौर्य ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने के अपने 90 वर्ष पुराने निर्णय पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने एक बार फिर मुहर लगा दी है. कट्टरपंथियों के दबाव में राष्ट्रगीत को अधूरा रखने की यही हठधर्मिता कांग्रेस को लगातार जनभावनाओं से दूर करती जा रही है.
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उन्होंने ये भी कहा कि गांधी परिवार के इशारों पर चलने वाली कांग्रेस का यह निर्णय किसी वैचारिक सिद्धांत से नहीं, बल्कि वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है. धर्म के आधार पर की गई राजनीति की भयावह कीमत देश विभाजन के रूप में चुका चुका है, लेकिन कांग्रेस आज भी राष्ट्रीय एकता के प्रतीक को धार्मिक वोटों के तराजू पर तौल रही है.
केशव मौर्य ने कहा कि कांग्रेस को साफ़ करना चाहिए कि उसे मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के उल्लेख से परहेज क्यों है? वह किसे ख़ुश करने के लिए राष्ट्रगीत के चार छंदों को छोड़ने पर अड़ी है? उसकी यह जिद ‘एक्सीडेंटल हिंदू’ वाली मानसिकता और छद्म धर्मनिरपेक्षता का असली चेहरा उजागर करती है.
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डिप्टी सीएम मौर्य ने ये भी कहा कि कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि देश अब तुष्टिकरण और वोटबैंक की संकीर्ण राजनीति से बहुत आगे बढ़ चुका है. पूरे देश में ‘वंदे मातरम्’ अधूरा नहीं, अपने सभी छह छंदों के साथ गूंजेगा और इसकी प्रचंड ध्वनि गांधी परिवार की चौखट से लेकर कांग्रेस मुख्यालय तक सुनाई देगी.

