मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. अयोध्या मे राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण समिति की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. करीब तीन घंटे तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर निर्माण की वर्तमान प्रगति, लंबित कार्यों की समय-सीमा और भविष्य की कार्ययोजना पर गहन मंथन हुआ.
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बता दें कि निर्माण समिति की बैठक के बाद नृपेंद्र मिश्रा ने निर्माण को लेकर फाइनल रोडमैप की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 30 सितंबर तक राम मंदिर परिसर के लगभग सभी प्रमुख निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे. इसके बाद 30 अक्टूबर तक L&T और टाटा जैसी बड़ी कंपनियों के इंजीनियर और कर्मचारी विधिवत रूप से साइट से हट जाएंगे, यानी मुख्य मंदिर और परकोटे से जुड़ा सिविल वर्क पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. उन्होंने साफ किया कि अक्टूबर के बाद परिसर में केवल दो ही बड़े प्रोजेक्ट शेष रहेंगे, ऑडिटोरियम और विश्वस्तरीय संग्रहालय. वहीं राम मंदिर की सुरक्षा परकोटा यानि बाउंड्री वॉल का निर्माण दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद उस पर अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों को स्थापित करने में लगभग दो महीने का समय और लगेगा.
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इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण संग्रहालय का प्रेजेंटेशन रहा. जानकारी के अनुसार राम मंदिर परिसर में बन रहे इस भव्य म्यूजियम में कुल 20 गैलरियां होंगी, जिन्हें पूरी तरह से हाईटेक तकनीक पर विकसित किया जा रहा है और इसमें IIT मद्रास के विशेषज्ञों की टीम तकनीकी सहयोगी के रूप में काम कर रही है. इसकी गैलरी नंबर-7 को इमर्सिव टेक्नोलॉजी पर बनाया जा रहा है, जहां श्रद्धालु एक ही स्थान पर खड़े होकर पूरे राम मंदिर परिसर के दिव्य और अलौकिक दर्शन कर सकेंगे. जबकि गैलरी नंबर-17 को भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनगमन पथ और सरयू सहित पवित्र नदियों से जुड़े प्रसंगों पर केंद्रित किया गया है, जिसे वर्चुअल और डिजिटल तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा. अंत में नृपेंद्र मिश्रा ने सभी एजेंसियों के भुगतान और लंबित कार्यों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस साल के अंत तक राम मंदिर निर्माण से जुड़ा एक भी कार्य अधूरा नहीं रहना चाहिए.

