लखनऊ. उत्तर प्रदेश की सियासत में जातिगत जनगणना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने निशाना साधा है. राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव जब पांच साल तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, तब उन्होंने जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराई.

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“नीतीश कुमार से सीखना चाहिए था”

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीखना चाहिए था. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सरकार के खिलाफ रहते हुए भी बिहार में जातीय जनगणना कराने का काम किया. राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अभी सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब उनके पास मौका था, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाया. अब सत्ता से बाहर होने के बाद उन्हें जातिगत जनगणना याद आ रही है.

अखिलेश के आरोपों पर राजभर का पलटवार

अखिलेश यादव की ओर से ओम प्रकाश राजभर पर दिए गए बयान को लेकर भी मंत्री ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने बारे में सोचना चाहिए, दूसरों की चिंता नहीं करनी चाहिए. राजभर ने कहा, “अखिलेश जी को हमारी सलाह है कि वह अपने बारे में सोचें. वह हमारे बारे में जो सोच रहे हैं, उसका परिणाम उन्हें चुनाव में देखने को मिलेगा.”

2017 का जिक्र कर साधा निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव का हाल 2017 जैसा होने वाला है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जनता फिर से भाजपा गठबंधन के पक्ष में फैसला देगी. उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के बाद अखिलेश यादव की स्थिति टीएमसी जैसी हो जाएगी. राजभर के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं.

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जाति जनगणना बना यूपी चुनाव का बड़ा मुद्दा

उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है. विपक्ष जहां इसे सामाजिक न्याय से जोड़कर उठा रहा है, वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दल विपक्ष के पुराने कार्यकाल पर सवाल खड़े कर रहे हैं. आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए जातीय समीकरणों की राजनीति और तेज होने की संभावना है. अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर के बीच जारी जुबानी वार ने यूपी की सियासी गर्मी बढ़ा दी है.