अयोध्या. उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब बाहरी व्यक्तियों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की एंट्री आसान नहीं होगी. अयोध्या के बेसिक शिक्षा अधिकारी लाल चंद्र ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कोई भी व्यक्ति स्कूल परिसर में फोटो या वीडियो नहीं बना सकेगा.

बीएसए ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने को इस फैसले की वजह बताया है. उनका कहना है कि कुछ लोग स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों और कर्मचारियों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

इसे भी पढ़ें- UP बनेगा जापानी उद्योगों का दूसरा घर! योगी बोले- भरोसेमंद पार्टनर है उत्तर प्रदेश

कई जिलों में पहले ही जारी हो चुके हैं आदेश

अयोध्या से पहले आजमगढ़, बलिया, बस्ती, बलरामपुर, शामली और आगरा समेत कई जिलों में भी इस तरह के निर्देश जारी किए जा चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों की निगरानी और जांच के लिए विभागीय अधिकारी पहले से नियुक्त हैं. किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा खुद जांच करने या वीडियो बनाने से व्यवस्था प्रभावित होती है. आदेश के अनुसार, कोई भी बाहरी व्यक्ति, यूट्यूबर या सोशल मीडिया से जुड़ा व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश नहीं कर पाएगा.

व्यूज के लिए वीडियो बनाने वालों पर अधिकारियों की नजर

आगरा में करीब 2400 सरकारी स्कूलों के लिए आदेश जारी किया गया है. बीएसए राकेश सिंह ने कहा कि कुछ लोग बिना अनुमति स्कूलों में पहुंचकर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने लगे थे, जिससे कक्षाओं में व्यवधान हो रहा था. बलरामपुर में बीएसए विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए स्कूलों में वीडियो बनाने पहुंच रहे थे. उन्होंने कहा कि स्कूलों का माहौल किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा.

मीडिया और जायज निरीक्षण पर पूरी तरह रोक नहीं

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उद्देश्य मीडिया या सभी बाहरी लोगों पर रोक लगाना नहीं है. जरूरत पड़ने पर अनुमति लेकर स्कूलों में प्रवेश किया जा सकता है. विभाग का कहना है कि नियमों का मकसद स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना और बच्चों की निजता व सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

इसे भी पढ़ें- यूपी में बारिश से हाहाकार, प्रयागराज से वाराणसी तक बाढ़ जैसे हालात, 173 गांव डूबे, 84 हजार लोग प्रभावित

‘स्कूल ठीक करो अभियान’ से भी जुड़ा मामला

इन आदेशों को महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके के ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ से जोड़कर भी देखा जा रहा है. उन्होंने 15 अगस्त को महाराष्ट्र के हिंगोली से इस अभियान की शुरुआत की थी. अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं. वहीं यूपी शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में सुधार के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है.