लखनऊ. योगी सरकार में मंत्री और सुभसपा प्रमुख ओपी राजभर अखिलेश यादव पर किसी न किसी मुद्दे पर लगातार निशाना साधा रहे हैं. एक बार भी ओपी राजभर ने सपा सुप्रीमो को घेरा है. उन्होंने कहा, अगर अखिलेश यादव जी की सरकार में हुए भ्रष्टाचार के कुछ नमूनों को देखना हो तो सबसे बड़ा उदाहरण लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे है. भ्रष्टाचार से धन कमाने की हवस ने इस एक्सप्रेसवे को इतना घुमाया और ऊपर-नीचे किया कि यह हादसों के एक्सप्रेसवे के रूप में कुख्यात है और कई लोग इसे मौत का एक्सप्रेसवे भी कहते हैं. जल्दी से जल्दी पैसा कमाने की हवस में मानकों की अनदेखी करके एक्सप्रेसवे बना दिया गया. अब तक न जाने कितने लोगों की जानें जा चुकी है. कितने परिवार बिखर गए. गिनना मुश्किल है.

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आगे ओपी राजभर ने ये भी कहा कि कौन नहीं जानता कि अखिलेश यादव के राज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण में सैफई परिवार और खासमखास लोगों ने मिलकर जनता के पैसों की बंदरबांट की? फिरोजाबाद से लेकर इटावा तक लूट के किस्से भरे पड़े हैं. औने-पौने भाव में जमीनें खरीदी गईं. फिर एक्सप्रेसवे का रूट पास किया गया. रूट मोड़ा गया. रिकॉर्ड में बदलाव करके जमीनों को आवासीय बता दिया गया. कई रजिस्ट्री तो एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद हुईं. फिर मुआवजे में भारी लूट की गई. जब एक्सप्रेसवे निकला तो सैफई परिवार और उनके खासमखास लोगों की जमीनों के भाव आसमान में पहुंच गए.

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ओपी राजभर ने ये भी कहा, ऐसे उदाहरण खोजना मुश्किल है जहां निजी फायदे के लिए एक्सप्रेसवे को अपने घर के दरवाजे तक मोड़ दिया गया हो. इसकी वजह से एक्सप्रेसवे की लंबाई 270 किमी से बढ़कर 300 किलोमीटर से ज्यादा हो गई. आज भी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है. ज्यादा देरी और दूरी के कारण धन, ईंधन और समय तीनों का नुकसान होता है. अब तक भ्रष्टाचार का मवाद रिस-रिसकर बाहर निकलता रहता है. सैफई परिवार को इसकी सजा जरूर मिलेगी. जेल इसी एक्सप्रेसवे से जाएंगे. ओम प्रकाश राजभर, सैफई परिवार के पापों का डोजियर लेकर बैठा है.