हिमांशु सिंह, लखनऊ. यूपी में योगी सरकार लाख विकास के दावे करती है. विज्ञापनों में तो विकास की बाढ़ आई हुई है. उन्हीं पोस्टरों को दिखाकर सरकार और उसका सिस्टम विकास का राग अलापते थकते नहीं. असल में जमीनी स्तर पर विकास अपनी बदहाली की कहानी चीख-चीखकर सुना रहा है, लेकिन सरकार है कि सुनने और देखने को तैयार नहीं है. सरकार मनगढंत चमचमाते और झूठे विज्ञापनों में डूबी हुई है और लोगों को वही परोस रही है. सरकार मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखने और दिखाने में मस्त है. अगर सरकार और सिस्टम मुंगेरी लाल के सपने से बाहर आए तो शायद पता चले कि ‘हर घर जल’ योजना लाने के बाद भी प्रदेश की जनता बूंद-बूंद के लिए मोहताज है. लोगों के हाथ है तो सिर्फ खोखले दावे और खाली बाल्टियां. उन्हें इंतजार है तो सिर्फ बाल्टी भरने का. ऐसे में सवाल पानी की तरह साफ है कि क्या योगी सरकार इसे भी डबल इंजन सरकार का विकास का नाम देगी? या फिर कहेगी कि 2047 के विकसित भारत में लोगों पानी मिलेगा ?

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सरकार न देखती है न सुनती है!

बता दें कि ‘हर घर जल’ योजना के पीछे अब तक कई करोड़ों रुपए पानी पहुंचाने के लिए बहा दिए गए, लेकिन अब भी लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. ऐसी ही तस्वीर चित्रकूट से सामने आई है. जहां बुज़ुर्ग, महिलाएं और बच्चे खाली बाल्टियां लेकर खड़े हुए हैं और वे अपनी बदहाली की कहानी सुना रहे हैं. लेकिन लगता है कि सरकार न सुनने को तैयार है और न ही देखने को. लोगों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इससे पहले आगरा, प्रयागराज के शंकरगढ़ से भी ऐसी तस्वीरें सामने आई थी. जो सरकार के खोखले दावों की पोल खोलने के लिए काफी है.

विज्ञापनों में हर घर पहुंच रहा जल!

यूपी के कई जिलों में लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है. हर रोज प्रदेश के किसी न किसी जिले से तस्वीरें सामने आती है, जिसमें लोग हाथों में खाली बाल्टी लेकर खड़े दिखाए देते हैं या फिर लोग कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने पर मजबूर हैं. ये नौबत तब है, जब योगी सरकार ‘हर घर जल’ योजना के जरिए पानी पहुंचाने का दावा करती है. असल में विज्ञापनों में ही लोगों को पानी मिल पा रहा है. सरकार इस योजना के पीछे कुल 28 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है. दावा है कि अब तक 2.43 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति अब भी भयावह ही नजर आती है.

हर प्यासा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, चित्रकूट में पानी के लिए तरसते बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों की दयनीय हालात देखकर भाजपा के विकास का दावा अंडरग्राउंड हो गया है. जनता कह रही है हमें आज पानी दे दीजिए, हम 2047 के विकसित भारत के सपने को लेकर क्या करेंगे. जब तक भाजपा का महा-भ्रष्टाचारी शासन रहेगा तब तक ‘जल जीवन मिशन’ की टंकियां गिरती रहेंगी और ‘हर घर जल’ का नारा दीवारों पर ही लिखा मिलेगा. अब फिर कोई किसी ‘स्वतंत्र’ को बंधक बनाएगा तो भाजपाई कहेंगे, ये ठीक नहीं किया. भाजपा जाए तो जल आए! हर प्यासा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!