लखनऊ. अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कथित दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

प्रदर्शन में शामिल सपा कार्यकर्ता पंडित की वेशभूषा में पहुंचे थे. उनके हाथों में रामचरितमानस, फरसा और थर्माकोल से बनी प्रतीकात्मक राम मंदिर की दानपेटी (गल्ला) थी. कार्यकर्ताओं ने “चंदा चोरों को जेल भेजो” और सरकार विरोधी नारे लगाए. उनका आरोप था कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की जा रही है.

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प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई. करीब 15 मिनट तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से ईको गार्डन भेज दिया.

प्रदर्शन में शामिल सपा नेता उदय प्रताप ने कहा, “राम मंदिर में कथित चोरी की घटना बेहद शर्मनाक है. जब सरकार भगवान के घर में चोरी नहीं रोक पा रही है तो आम जनता की सुरक्षा और व्यवस्था का क्या भरोसा होगा. भाजपा राम के नाम पर राजनीति कर रही है और आस्था के नाम पर लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ हो रहा है.”

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वहीं प्रदर्शन में शामिल युवराज ने कहा कि सपा संविधान, संस्कृति और सनातन तीनों की रक्षा की बात करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, जबकि कथित बड़े जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मामूली कर्मचारियों को निशाना बनाकर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है.