शामली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शामली में 581 करोड़ रुपये की लागत से 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. जहां जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, दोनों दलों को “जिन्ना के उपासक” बताया. साथ ही दोनों दलों की राजनीति को समाज को बांटने और तुष्टिकरण करने वाला बताया.
मुख्यमंत्री ने कहा, “जो डेमोग्राफी बदल रहे थे, सपा और कांग्रेस के लोग वही थे. ये लोग जिन्ना के उपासक हैं, इसलिए कांधला और कैराना से पलायन हुआ था. जब भी इन्हें मौका मिलेगा, ये जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज को बांटने और अराजकता फैलाने का काम करेंगे.”
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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शामली की पहचान विकास से नहीं, बल्कि भय और असुरक्षा से होती थी. उन्होंने कहा कि उस समय कांधला और कैराना में सरेआम अपराध होते थे, पलायन की घटनाएं सामने आती थीं और क्षेत्र की डेमोग्राफी बदलने की साजिशें रची जा रही थीं. बहन-बेटियां घर से निकलने में डरती थीं, किसान परेशान था और नौजवान निराश था. उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार ने कानून-व्यवस्था मजबूत कर पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शामली विकास का नया केंद्र बन चुका है. उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे इस जिले को नई पहचान दे रहे हैं. जिस तरह प्रयागराज त्रिवेणी संगम के लिए प्रसिद्ध है, उसी तरह शामली भी तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे के संगम का केंद्र बन रहा है.
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मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि सपा-बसपा सरकारों के दौरान वर्ष 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हो गईं और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं और प्रदेश आज चीनी, गन्ना तथा एथेनॉल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और गन्ना भुगतान में पारदर्शिता लाने का काम किया है.
मुख्यमंत्री ने धार्मिक आस्था के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले “जय श्रीराम” का उद्घोष करने पर लाठियां और गोलियां चलती थीं. कांवड़ यात्रा, रामनवमी शोभायात्रा और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे आयोजनों को रोका जाता था तथा धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जे किए जाते थे. उन्होंने कहा कि आज की सरकार आस्था का सम्मान करती है और कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करती है.
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कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा, “हम सब श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी और भोले शंकर के भक्त हैं. राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला और भगवान शंकर की समरसता हमें संयम और अनुशासन का संदेश देती है. छोटी-छोटी बातों पर हुड़दंग नहीं होना चाहिए. यदि कहीं अनुशासनहीनता होगी तो विरोधी ताकतें उसे बहाना बनाकर कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की कोशिश करेंगी.”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले सत्ता में बैठे लोग देर से उठते थे और जनता के लिए उनके पास समय नहीं होता था. उन्होंने आरोप लगाया कि वे माफियाओं के सामने झुकते थे और दंगाइयों को संरक्षण देते थे. इसके विपरीत वर्तमान सरकार सुबह से देर रात तक गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और व्यापारियों के हित में बिना भेदभाव काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों और युवाओं के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार तेजी से साकार कर रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि विकास, सुशासन और सुरक्षा के बल पर उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है.

