लखनऊ. वाहन स्क्रैपिंग नीति के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पुराने, अनफिट और प्रदूषण वाले वाहनों को अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने में प्रदेश देश में नंबर एक पर है. परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है, जहां पुराने और अनफिट वाहन पीछे छूटें, प्रदूषण कम हो, सड़क सुरक्षा मजबूत हो और नागरिकों को स्वच्छ एवं आधुनिक परिवहन सुविधा मिले. वाहन स्क्रैपिंग नीति इसी व्यापक बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि पुराने और अनफिट वाहनों को अनधिकृत कबाड़ियों के माध्यम से नष्ट कराने के बजाय केवल पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों में ही स्क्रैप कराएं.
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स्क्रैप में यूपी की करीब आधी हिस्सेदारी
परिवहन विभाग के मुताबिक 31 जुलाई 2026 तक देशभर में 4.07 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप किए गए हैं. इनमें अकेले उत्तर प्रदेश में 1.97 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप हुए. इस तरह देश में स्क्रैप किए गए कुल वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 48.5 प्रतिशत है.
यूपी में 92 लाइसेंस प्राप्त पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र
यूपी में 92 लाइसेंस प्राप्त पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र हैं, जिनमें से 51 वर्तमान में संचालित हैं. इससे वाहन मालिकों को अपने जीवन-चक्र पूरा कर चुके वाहनों को अनधिकृत कबाड़ बाजार में देने के बजाय स्क्रैप कराने का सुरक्षित विकल्प मिल रहा है.
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वाहन मालिकों को कर में छूट का लाभ दे रही सरकार
सरकार की तरफ से जमा प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को सड़क कर में छूट मिल रही है. गैर-परिवहन वाहनों पर 15 प्रतिशत तक, जबकि परिवहन वाहनों पर 10 प्रतिशत रोड टैक्स छूट का प्रावधान है. वहीं एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रक और बस को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर निर्धारित शर्तों के तहत 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत तक रोड टैक्स छूट का प्रावधान भी किया गया है.
एनसीआर में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा
परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में भी स्वच्छ परिवहन को गति देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. हाल में लागू परिवर्तन योजना के तहत मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में पुराने बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मालवाहक वाहनों एवं बसों को बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए सरकार प्रोत्साहित कर रही है.


