प्रयागराज. उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के छात्रों के भराये जा रहे पंजीकरण औऱ परीक्षा फार्मो को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने छात्रों के शैक्षिक विवरण ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ यानी अपार आईडी की व्यवस्था को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है.
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि अपार आईडी 12 अंकों की एक स्थायी डिजिटल पहचान है, जो विद्यार्थी की पूरी शैक्षणिक यात्रा (स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक) के क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड को एक स्थान पर सुरक्षित रखती है. इसके माध्यम से विद्यार्थी के सभी सर्टिफिकेट (मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट आदि) ‘डिजीलॉकर’ पर डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे, जिससे भविष्य में दस्तावेज खोने या खराब होने का डर नहीं रहेगा. दूसरे सही विवरण और आंकड़ों के आधार पर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा.
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फार्म भरते समय अपार आईडी का विवरण देना अनिवार्य नहीं
भगवती सिंह ने बताया कि पंजीकरण और आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना अनिवार्य नहीं है, किंतु छात्रों के हित में शिक्षक व अभिभावक अपने बच्चों की अपार आईडी बनवाकर इसे अग्रिम पंजीकरण व परीक्षा फॉर्म में अवश्य दर्ज कराएं. उन्होंने कहा कि अपार आईडी का निर्माण एक अत्यंत सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है, जो अभिभावकों की सहमति से पूरी की जाती है.


