लखनऊ. पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है. आशियाना थाने में तैनात एक पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) के खिलाफ एक महिला ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मारपीट, मोबाइल छीनने और निजी वीडियो-फोटो वायरल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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पुलिस के अनुसार, महिला ने 1 अगस्त को आशियाना थाने में लिखित शिकायत दी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि थाना आशियाना में पहले से दर्ज एक मुकदमे की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक धर्मवीर शाही ने जांच के दौरान उससे अश्लील और प्रेमपूर्ण बातचीत शुरू की. महिला का आरोप है कि दरोगा ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में वादे से मुकर गया.

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं. शिकायत के मुताबिक, 30 जुलाई को अपोलो हॉस्पिटल के पास दरोगा अपने दो साथियों के साथ पहुंचा, जहां कथित तौर पर महिला के साथ मारपीट की गई. आरोप है कि उसकी गाड़ी में टक्कर मारी गई, मोबाइल फोन छीन लिया गया और उसमें मौजूद निजी सामग्री को वायरल करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई.

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पुलिस ने आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत जांच कराई जा रही है. विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल है, क्योंकि आरोप सीधे उस पुलिस अधिकारी पर लगे हैं, जो स्वयं एक आपराधिक मामले की विवेचना कर रहे थे. ऐसे में अब जांच की दिशा और निष्कर्ष पर सभी की नजरें टिकी हैं.