वाराणसी. संसद परिसर में हुए विपक्ष के राजनीतिक प्रदर्शन की गूंज अब वाराणसी तक पहुंच गई है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ वाराणसी के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. यह शिकायत पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य जी की ओर से दी गई, जिसमें तीनों नेताओं पर करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने और सनातन परंपरा का सार्वजनिक उपहास करने का आरोप लगाया गया है.

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एफआईआर के अनुसार, 31 जुलाई को संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र धारण कर स्वयं को साधु के स्वरूप में प्रस्तुत किया, जबकि राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद ने भगवान श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शन का हिस्सा बनाया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि हिंदू संत परंपरा, भगवा वेश और श्रीराम मंदिर से जुड़ी आस्था को सार्वजनिक रूप से निशाना बनाने का प्रयास था.

तहरीर में कहा गया है कि भगवान श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान करोड़ों लोगों की श्रद्धा, विश्वास और धार्मिक समर्पण का प्रतीक है. इसे राजनीतिक प्रदर्शन का विषय बनाना सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का अपमान है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन पूर्व नियोजित था और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पहले से तय थी.

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शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि घटना के वीडियो, समाचार चैनलों की फुटेज और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री प्रथम दृष्टया जांच के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं. उनका दावा है कि घटना के बाद देशभर से संतों और श्रद्धालुओं ने गहरा रोष व्यक्त किया तथा इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की.

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इस प्रकार का प्रदर्शन समाज में धार्मिक तनाव और वैमनस्य की स्थिति पैदा कर सकता है और सार्वजनिक शांति और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की क्षमता रखता है. इसी आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है. कोतवाली थाना, वाराणसी में दर्ज एफआईआर के बाद अब पुलिस मामले की विवेचना करेगी. जांच के दौरान वीडियो फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध सामग्री का परीक्षण किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.