मेरठ. आसमान में हेलिकॉप्टर और नीचे सड़कों पर शिवभक्तों का सैलाब और चारों तरफ भगवा रंग और ‘हर-हर महादेव, बम-बम भोले’ की गूंज सुनाई दी. सावन की कांवड़ यात्रा के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ते कदमों के बीच शनिवार को मेरठ में ऐसा ही नजारा देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. हेलिकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने यात्रा के उत्साह को और बढ़ा दिया.
मुख्यमंत्री के साथ मेरठ के सांसद और अभिनेता अरुण गोविल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी कांवड़ियों पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं. सड़क पर मौजूद शिवभक्तों ने भी जयघोष के साथ इस स्वागत का जवाब दिया. कुछ ही देर में पूरा इलाका ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम भोले’ के नारों से गूंजने लगा.
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कांवड़ियों के बीच पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलिकॉप्टर से कांवड़ मार्ग का हवाई निरीक्षण किया. सड़क पर दूर तक नजर आती कांवड़ियों की कतार, सेवा शिविर और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री आयोजन स्थल पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिवरात्रि तक कांवड़ यात्रा में किसी भी स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कमी नहीं होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को सिर्फ धार्मिक आयोजन के बजाय समाज को जोड़ने वाली यात्रा बताया. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आए लाखों शिवभक्त एक ही भावना के साथ सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर रहे हैं. कांवड़ यात्रा में जाति, क्षेत्र और प्रांत की सीमाएं पीछे छूट जाती हैं. हर किसी की पहचान इस समय सिर्फ एक है शिवभक्त.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हैं. पश्चिमी यूपी में मेरठ के औघड़नाथ मंदिर, बागपत के पुरा महादेव और गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर जैसे प्रमुख शिवालयों की ओर कांवड़ियों का रुख बना हुआ है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अनुमान है कि सावन की शिवरात्रि तक गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच करीब चार से साढ़े चार करोड़ शिवभक्त कांवड़ यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं. वहीं मुजफ्फरनगर का शिवचौक भी कांवड़ियों की भारी भीड़ का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.


