जेवर. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. आम आदमी पार्टी ने करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बने एयरपोर्ट की पहली बारिश में ही व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए इसे कथित घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया. वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जलभराव को लेकर तंज कसते हुए पूछा- “अब क्या एयरपोर्ट पर नाव चलेगी?”
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विपक्ष के इन आरोपों के बीच जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर जलभराव वाले स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर कमियों को दूर करने और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. धीरेन्द्र सिंह ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन्हें जेवर का अभूतपूर्व विकास दिखाई नहीं देता, उन्हें केवल गड्ढे और जलभराव नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, विश्वस्तरीय सड़कें, औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं, लेकिन विपक्ष को यह विकास दिखाई नहीं देता.
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‘एयरपोर्ट कागजों तक सीमित था’
विधायक ने कहा कि एक समय जेवर विकास की मुख्यधारा से दूर था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज यह उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने जेवर को देश-दुनिया के नक्शे पर नई पहचान दी है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में एयरपोर्ट का मुद्दा वर्षों तक चर्चा और कागजों तक सीमित रहा, वे आज बारिश के पानी को लेकर राजनीति कर रहे हैं. उनके मुताबिक प्रदेश में हो रहे विकास से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है.
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‘कमी होगी तो ठीक कराएंगे’
हालांकि विधायक ने जलभराव की समस्या को हल्के में लेने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था में जहां भी कमी है, उसे चिह्नित कर दूर कराया जाएगा. संबंधित अधिकारियों को स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए हैं. धीरेन्द्र सिंह ने कहा, “विपक्ष तस्वीरों में गड्ढे खोजता रहे, हम जेवर में विकास की नई इबारत लिखते रहेंगे.” उन्होंने कहा कि कुछ समय के जलभराव को जेवर और उत्तर प्रदेश में हो रहे बड़े विकास कार्यों पर पर्दा डालने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा.


