रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. लगातार हो रही बारिश के बीच नहर का पानी आ जाने से अमावां विकासखंड के लोधीपुर गांव में हड़कंप मच गया. नहर का पानी गांव के पांच-छह परिवारों के घरों में घुस गया, जिससे महिलाएं, बच्चे और अन्य ग्रामीण जलभराव के बीच फंस गए. सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया.

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जलभराव की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर गौतम सिंह स्वयं ट्रैक्टर लेकर प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे. उनके साथ खंड विकास अधिकारी संदीप सिंह समेत तहसील प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची. एसडीएम ने जलभराव वाले इलाके का निरीक्षण कर ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली और राहत कार्यों का जायजा लिया.

एसडीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को परेशानी न हो और सभी लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए. प्रशासनिक टीम ने अभियान चलाकर महिलाओं, बच्चों समेत 30 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला और शेल्टर होम पहुंचाया.

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शेल्टर होम में प्रभावित परिवारों के ठहरने की व्यवस्था करने के साथ ही उनके लिए भोजन और पेयजल का भी इंतजाम कराया गया. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जलभराव बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके.

सुरक्षित आश्रय स्थलों का उपयोग करने की अपील

एसडीएम सदर गौतम सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि जलभराव की स्थिति में घबराएं नहीं और खतरा बढ़ने पर घरों में रुकने के बजाय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सुरक्षित आश्रय स्थलों में चले जाएं. उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.