लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) की कुलाध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने संस्थान से राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एआईआरएफ) में देश का नंबर-1 मेडिकल संस्थान बनने का लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संस्थान देश में पांचवें स्थान पर है और अब समय आ गया है कि उत्कृष्ट शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के बल पर पहला स्थान हासिल करने की दिशा में कार्य किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बनाई विशेष पहचान
एसजीपीजीआई के 30वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने एनआईआरएफ में पांचवां स्थान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि अब संस्थान को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि किन क्षेत्रों में सुधार कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है।
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एसजीपीजीआई की वैश्विक रैंकिंग में उल्लेखनीय प्रगति
राज्यपाल ने कहा कि एसजीपीजीआई ने वैश्विक रैंकिंग में भी उल्लेखनीय प्रगति की है और आज यह एम्स नई दिल्ली तथा पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के साथ देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले एक वर्ष में संस्थान देश का सर्वोच्च मेडिकल संस्थान बनने की दिशा में ठोस उपलब्धि हासिल करेगा।
उन्होंने चिकित्सकों और शोधकर्ताओं से उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य चुनौतियों पर शोध कर स्थायी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही संयुक्त शोध, पुस्तक लेखन और अधिक से अधिक पेटेंट विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों को केवल इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनस्वास्थ्य सुधार और नवाचार को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
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इस अवसर पर राज्यपाल ने 279 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। साथ ही 300 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट उपलब्ध कराई गईं और 300 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया। समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है तथा एसजीपीजीआई की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

