श्रावस्ती. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को श्रावस्ती के इकौना स्थित सीताद्वार में आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें महाराजा सुहेलदेव की विरासत नहीं, बल्कि गाजी मियां का मेला पसंद था, इसलिए उनकी दुर्गति हुई. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में किसी विदेशी आक्रांता का सम्मान नहीं हो सकता और उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद विदेशी आक्रांताओं के नाम पर आयोजित मेलों पर रोक लगाने का निर्णय लिया.

मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती एवं भिनगा विधानसभा क्षेत्रों में 396 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, आवास की चाबी, स्टडी किट और आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए.

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समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय प्रदेश में माफिया और गुंडाराज का बोलबाला था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “बबुआ 12 बजे सोकर उठते थे, फिर चच्चू उन्हें कुछ पढ़ाते थे और शाम को जिम चले जाते थे. ऐसे में प्रदेश की चिंता करने का समय कहां था?” उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नौकरियों में भ्रष्टाचार, किसानों की उपेक्षा और गरीबों को सरकारी योजनाओं से वंचित रखा जाता था.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में श्रावस्ती की तस्वीर बदल गई है. प्रदेश में नौ लाख युवाओं को बिना सिफारिश और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं. वहीं, गरीबों को आवास, मुफ्त राशन, शौचालय और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.

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कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह हैं जेल या जहन्नुम. उन्होंने बलरामपुर में धर्मांतरण मामले के आरोपी छांगुर के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया.

मुख्यमंत्री ने बताया कि बहराइच-लखनऊ के बीच 7,500 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन कॉरिडोर को स्वीकृति मिल चुकी है और सरकार का प्रयास इसे आगे बढ़ाकर श्रावस्ती तक जोड़ने का है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण ही श्रावस्ती आज आकांक्षी जिले से प्रेरणादायी जिले के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है.