अशोक कुमार जायसवाल, वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर छात्रों का आक्रोश सामने आया है. छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनमें परीक्षा देने के बावजूद कई विद्यार्थियों को परिणाम में “Absent” (अनुपस्थित) दर्शा दिया जाता है.
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छात्रों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियों से उनके शैक्षणिक भविष्य पर असर पड़ रहा है और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है. विश्वविद्यालय की परीक्षा से जुड़ी एजेंसी लंबे समय से विश्वविद्यालय परिसर के बाहर संचालित हो रही है, जिससे परीक्षा संचालन और परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है. उनका कहना है कि यही वजह है कि बार-बार तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आ रही हैं.
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धरने पर बैठे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि परीक्षा संबंधी एजेंसी को दोबारा विश्वविद्यालय परिसर के भीतर संचालित किया जाए, ताकि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके. प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. छात्रों का कहना है कि यह मुद्दा किसी एक छात्र का नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है.

