लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. गुरुवार (3 सितंबर 2026) को प्रदेश के 67 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इनमें मथुरा, आगरा समेत 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. खराब मौसम और लगातार बारिश को देखते हुए बलिया, वाराणसी समेत आठ जिलों में 3 सितंबर को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है.

बुधवार को लखनऊ, कानपुर, बरेली और उन्नाव समेत 64 जिलों में बारिश दर्ज की गई. लखनऊ में बारिश के दौरान सड़क धंसने से करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसमें एक बाइक सवार युवक गिर गया. वहीं वाराणसी की कई गलियों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

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रिहंद बांध ओवरफ्लो, पांच गेट खोले

सोनभद्र में प्रदेश का सबसे बड़ा रिहंद बांध ओवरफ्लो होने के बाद पांच गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है. चित्रकूट में भी बरुआ, राशिन और गुंता बांध के गेट खोल दिए गए हैं. प्रशासन ने जिले के 50 से अधिक गांवों में अलर्ट जारी किया है. अमरोहा में बारिश के दौरान एक दुकान का पुराना छज्जा गिर गया. मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई.

गंगा-यमुना उफान पर, घरों तक पहुंचा पानी

लगातार बारिश से प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है. प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी बढ़ने से रिवरफ्रंट रोड के आसपास बने घरों तक पानी पहुंच गया है. ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं. वाराणसी में गंगा का पानी सभी प्रमुख घाटों के ऊपर तक पहुंच गया है. मणिकर्णिका घाट भी प्रभावित है. करीब 50 फीट ऊंचा रत्नेश्वर महादेव मंदिर 95 प्रतिशत तक पानी में डूब गया है.

2910 लोग विस्थापित, राहत-बचाव तेज

काशी में अब तक 62.48 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ चुकी है और 227 किसान परिवार प्रभावित हुए हैं. वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों के 1768 लोगों को बुधवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. अब तक कुल 2910 लोगों को विस्थापित किया जा चुका है. राहत-बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने 36 नावें लगाई हैं.

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चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी रामघाट और आसपास की सड़कों पर बह रहा है. 500 से अधिक दुकानों और करीब 20-25 होटलों में पानी घुस गया है. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे अधिक 92.3 मिमी बारिश चित्रकूट में दर्ज की गई. मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र और मानसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण प्रदेश में बारिश ने जोर पकड़ा है. उनके अनुसार अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.