अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के सुप्रीमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सासाराम में एक प्रेसवार्ता के दौरान वंदे मातरम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस राष्ट्रीय गीत को लेकर जो भी विवाद पैदा किया जा रहा है, वह पूरी तरह से बेमानी और बेबुनियाद है। इसका कोई तार्किक आधार नहीं है।

​संसद से मिल चुकी है कानूनी मान्यता

​उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ को संसद द्वारा पहले ही कानूनी मान्यता प्रदान की जा चुकी है। जब इस विषय पर संसद के माध्यम से स्पष्ट कानून बन चुका है, तब इस तरह का विरोध करना सीधे तौर पर देश के संविधान का विरोध करने के समान है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस प्रकार के विवाद खड़े करना न केवल संविधान का, बल्कि हमारे महान राष्ट्रीय गीत का भी सीधा अपमान है।

​कांग्रेस पार्टी को दी नसीहत

​अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और उसे कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसे गैर-जिम्मेदाराना कार्यों से बचना चाहिए, जिससे देश के संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों पर आंच आए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब नियम और कानून पहले से ही तय हैं कि किन-किन अवसरों पर और किस प्रकार इस राष्ट्रीय गीत का गायन किया जाना चाहिए, तो ऐसे में बिना किसी सिर-पैर के विवाद को बढ़ावा देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता है।