UPI MDR Charge: ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर प्रस्तावित 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की तारीख आगे बढ़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार अब इसे 15 अक्टूबर के बजाय 1 जनवरी से लागू करने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है, तो फेस्टिव सीजन में दुकानदारों और पेमेंट कंपनियों को राहत मिल सकती है।
UPI MDR चार्ज पर जल्द आ सकता है फैसला
PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार फेस्टिव सीजन को देखते हुए UPI पर MDR लागू करने की समयसीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकार का अंतिम फैसला अगले कुछ दिनों में सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल इस प्रस्तावित चार्ज को लेकर व्यापारियों और डिजिटल पेमेंट कंपनियों के बीच काफी चर्चा है।
Paytm, MobiKwik समेत Fintech Stocks में गिरावट
UPI MDR चार्ज टलने की खबर का असर Fintech कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया।
- Paytm: इंट्रा-डे में करीब 10% गिरकर ₹1,561 तक पहुंचा और अंत में 5.42% गिरकर ₹1,640 पर बंद हुआ।
- MobiKwik: 8.43% तक गिरने के बाद 4.57% की गिरावट के साथ ₹245 पर बंद हुआ।
- Pine Labs: ₹169 के निचले स्तर तक पहुंचा और 4.39% गिरकर ₹170 पर बंद हुआ।
- NPST: शेयर 3.39% गिरकर ₹1,791.30 पर बंद हुआ।
₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर क्या है प्रस्ताव?
प्रस्तावित नियम के अनुसार, ₹1 लाख से ज्यादा मासिक UPI कलेक्शन वाले बड़े व्यापारियों से ₹2,000 से अधिक के प्रत्येक पेमेंट पर 0.4% MDR + 18% GST लिया जा सकता है। हालांकि, ₹2,000 तक के पेमेंट पर कोई MDR नहीं होगा।
वहीं, ₹1 लाख तक का मासिक UPI कलेक्शन करने वाले छोटे व्यापारियों को प्रस्तावित व्यवस्था में राहत मिल सकती है। ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 + GST प्रस्तावित है। पेट्रोल पंप, रेलवे, बिल पेमेंट, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और एजुकेशन जैसे चुनिंदा सेक्टर्स के लिए ₹5 की फ्लैट फीस का प्रावधान बताया गया है।
MDR क्या है?
Merchant Discount Rate (MDR) वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए व्यापारी से लिया जाता है। यह शुल्क ग्राहक के बजाय मर्चेंट को देना होता है और डिजिटल पेमेंट नेटवर्क व इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत से जुड़ा होता है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

