हेमंत शर्मा, इंदौर। लसूड़िया इलाके में देर रात चेकिंग के दौरान एक महिला और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। विवाद तब और बढ़ गया, जब महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उससे 10 हजार रुपये चालान के नाम पर लिए, लेकिन उसकी कोई रसीद नहीं दी। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

चालान के नाम पर 10 हजार लेने का आरोप

जानकारी के मुताबिक लसूड़िया इलाके में दो दिन पहले देर रात ट्रक एंड ड्राइवर की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने विजय सोनाने को रोका। आरोप है कि पुलिस ने उनकी गाड़ी जब्त कर चालानी कार्रवाई की बात कही। महिला का आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए पुलिसकर्मियों ने उससे 10 हजार रुपये की मांग की। महिला का कहना है कि उसने एटीएम से पैसे निकाले और पुलिसकर्मियों को दे दिए, लेकिन इसके बावजूद उसे चालान की कोई रसीद नहीं दी गई।

रसीद मांगने पर हुआ विवाद

महिला ने जब 10 हजार रुपये देने के बाद रसीद मांगी तो मामला गरमा गया। महिला और पुलिसकर्मियों के बीच मौके पर ही बहस शुरू हो गई। इसी दौरान महिला के पति विजय ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वीडियो में महिला बार-बार पुलिस से सवाल करती नजर आ रही है कि अगर 10 हजार रुपये की कार्रवाई की गई है तो उसकी रसीद क्यों नहीं दी जा रही।

वीडियो वायरल होते ही महकमे में हड़कंप

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। वीडियो में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि महिला से लिए गए 10 हजार रुपये वास्तव में चालान की राशि थी या किसी अन्य कार्रवाई के तहत रकम ली गई थी।

महिला ने इंस्पेक्टर पर भी लगाए आरोप

महिला ने लसूड़िया थाने के इंस्पेक्टर मनीष चौहान पर भी आरोप लगाए हैं। खबर के मुताबिक महिला ने इंस्पेक्टर से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाया है। वहीं, एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो और पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में खुलासा करने की बात कही गई है।

सबसे बड़ा सवाल-10 हजार लिए तो रसीद कहां है?

इस पूरे मामले ने पुलिस की चेकिंग और चालानी कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर महिला से वाकई चालान के नाम पर 10 हजार रुपये लिए गए हैं तो रसीद क्यों नहीं दी गई? और अगर यह चालान की राशि नहीं थी तो आखिर महिला से रकम किस आधार पर ली गई? फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि महिला के आरोपों में कितनी सच्चाई है और 10 हजार रुपये लेने के मामले में जिम्मेदारी किसकी बनती है।चेकिंग के दौरान विवाद से शुरू हुआ मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल बन चुका है—और निगाहें टिकी हैं जांच के उस नतीजे पर, जो पूरे घटनाक्रम की असली तस्वीर सामने लाएगा।

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