मनोज यादव, कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में शारदा विहार स्थित आयुष्मान चिकित्सालय में जुड़वा बच्चों के जन्म की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गई, जब दो में से एक बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि समय रहते बच्चे को बेहतर इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा ने पत्नी को प्रसव के लिए शारदा विहार स्थित आयुष्मान चिकित्सालय में भर्ती कराया था, जहां उसने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। लंबे इंतजार के बाद घर में दो नन्हे मेहमान आने से पूरा परिवार खुश था।
दोनों बच्चों का वजन भी सामान्य था, लेकिन जन्म के कुछ घंटे बाद ही एक बच्चे के शरीर पर पीलिया के लक्षण दिखने लगे। परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को दी।

परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद चिकित्सकों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि हम लोग हैं ना, घबराइए मत। इसके बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई, जब स्थिति ज्यादा खराब हुई, तो परिजनों के दबाव में आकर अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को बिलासपुर रेफर किया, जहां एक बच्चे की मौत हो गई और दूसरे की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद परिजनों ने आयुष्मान चिकित्सालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन के साथ चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। हंगामा की सूचना पर मानिकपुर चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामला को शांत कराकर जांच शुरु कर दी है।
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