बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून के कारण बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। हालांकि, राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में मौसम साफ रहने तथा धूप के साथ उमस भरी गर्मी बने रहने की संभावना है।

​इन 18 जिलों में जारी किया गया अलर्ट

​बुधवार को जिन जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, भभुआ, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश के साथ ठनका गिरने का खतरा बना हुआ है।

​वज्रपात की चपेट में आने से 12 लोगों की जान गई

​मौसम की यह बेरुखी मंगलवार को बेहद घातक साबित हुई। राज्य के बांका, लखीसराय, नवादा और जमुई जिलों में आकाशीय बिजली (ठनका) की चपेट में आने से कुल 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

  • बांका जिला: चांदन प्रखंड के बोड़ा-सुईया गांव में धान की रोपनी करने गईं तीन महिलाओं की ठनका गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, बौंसी के सिराय गांव और काजी कैरी में भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो अन्य लोगों की जान चली गई।
  • ​लखीसराय और नवादा: इन दोनों जिलों में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में कुल छह लोगों (प्रत्येक जिले में तीन-तीन) की मौत की पुष्टि हुई है।
  • ​जमुई जिला: जमुई में भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई।

​इस दुखद हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि सभी पीड़ित परिवारों को तत्काल 4-4 लाख रुपए का अनुग्रह अनुदान प्रदान किया जाए। साथ ही, उन्होंने खराब मौसम के दौरान आम जनता से पूरी सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की है।

​मानसून की सक्रियता और भौगोलिक कारण

​बिहार में वर्तमान मौसम के उतार-चढ़ाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं और मानसून की ट्रफ रेखा मुख्य वजह हैं। वातावरण में उच्च आर्द्रता और दिन के समय तेज धूप के कारण जमीन गर्म हो रही है, जिससे स्थानीय संवहन प्रक्रिया तेज हो रही है। यही कारण है कि अचानक बादलों का निर्माण हो रहा है और कुछ चुनिंदा इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है, जबकि पड़ोसी जिलों में केवल उमस और बादल छाए रह रहे हैं।

​बारिश के बावजूद उमस भरी गर्मी से राहत नहीं

​राज्य में बारिश होने के बाद भी हवा में नमी (आर्द्रता) की मात्रा अत्यधिक बनी हुई है। इस वजह से तापमान में भले ही बहुत अधिक बढ़ोतरी दर्ज नहीं की जा रही है, लेकिन चिपचिपी और भारी उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यह मिजाज इसी प्रकार बने रहने की उम्मीद है।

राजधानी पटना में आज का मौसम

पटना में बुधवार को मौसम मुख्य रूप से गर्म और उमस भरा रहने वाला है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, बारिश के बाद भी उच्च नमी के कारण उमस से पूर्ण राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

​इस सीजन में बारिश की भारी कमी

​इस मानसून सीजन में बिहार को सामान्य से काफी कम बारिश का सामना करना पड़ा है। राज्य में अब तक सामान्य तौर पर 590 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि केवल 373 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 35 प्रतिशत कम है। बारिश की यह कमी कृषि और भूजल स्तर दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।