शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने नगरीय निकाय चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में नगरीय प्रशासन विभाग ने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए चुनाव की प्रक्रियात्मक तैयारियों को रफ्तार दे दी है।
आरक्षण के लिए अधिकारी नियुक्त
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्य प्रदेश में 16 नगर निगमों समेत तमाम नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में जुलाई 2027 में एक साथ चुनाव कराए जाने हैं। महापौर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सरकार ने अधिकारियों की नियुक्तियां कर दी हैं। इसके तहत आयुक्त, नगरीय प्रशासन को आरक्षण प्रक्रिया के लिए अधिकृत अधिकारी (नोडल ऑफिसर) बनाया गया है।
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अब ‘डायरेक्ट’ चुने जाएंगे नगर परिषद अध्यक्ष
इस बार के नगरीय निकाय चुनाव कई मायनों में बदले हुए नजर आएंगे। मोहन सरकार ने चुनाव से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन कर दिया है। नए संशोधन के तहत अब नगर परिषदों में अध्यक्ष पद के लिए डायरेक्ट (प्रत्यक्ष) चुनाव कराए जाएंगे। यानी अब जनता पार्षदों के बजाय सीधे अपने नगर परिषद अध्यक्ष को चुन सकेगी। सरकार के इस कदम से स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय रहते आरक्षण और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी ताकि जुलाई में तय समय पर चुनाव संपन्न कराए जा सकें।


