Business Desk – US Fed Rate Hike 2026 : अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने एकमत होकर Federal Funds Rate की Target Range को 3.5-3.75% से बढ़ाकर 3.75-4% करने का फैसला किया। फेड ने महंगाई के ऊंचे स्तर पर बने रहने का हवाला देते हुए आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेत भी दिए हैं।

फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी बनी रही। S&P 500 में करीब 0.4% और Nasdaq Composite में 0.8% की बढ़त रही। Dow में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। वहीं बेंचमार्क 10-Year Treasury Yield करीब 5 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.947% के आसपास आ गई।
महंगाई के कारण सख्त हुई Monetary Policy
अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों के बाद पहले से ही ब्याज दर बढ़ने की संभावना जताई जा रही थी। Financial Market में भी Rate Hike की उम्मीद बनी हुई थी। पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण Crude Oil की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से महंगाई को लेकर चिंता और बढ़ी है।
हालांकि अमेरिकी Economy और Labor Market में मजबूती बनी हुई है। फेड के मुताबिक आर्थिक गतिविधियां अच्छी रफ्तार से बढ़ रही हैं। घरेलू खर्च मजबूत है, Productivity में अच्छी बढ़ोतरी हो रही है और Capital Investment भी मजबूत बना हुआ है।
रोजगार और Labor Market भी मजबूत
फेड के आकलन के मुताबिक WorkForce में बढ़ोतरी के साथ नौकरियों में भी इजाफा हुआ है। बेरोजगारी दर में हालांकि हल्का बदलाव हुआ है। यानी ब्याज दर बढ़ाने के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधियां और रोजगार बाजार अभी कमजोर नहीं पड़े हैं।
फेड के सामने फिलहाल महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत बनाए रखने के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।
2026 में एक और Rate Hike का संकेत
फेडरल रिजर्व के Economic Projections से आगे भी ब्याज दर बढ़ने के संकेत मिले हैं। ब्याज दरों का अनुमान देने वाले 18 Policy Makers में से 16 का मानना है कि 2026 के अंत तक कम से कम एक और 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं चार Policy Makers ने 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का अनुमान जाहिर किया है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
2029 तक 2% महंगाई लक्ष्य हासिल करना चुनौती
फेड के अनुमान के मुताबिक महंगाई की रफ्तार 2029 तक भी उसके 2% के Target तक वापस नहीं लौट पाएगी। लंबे समय तक ऊंची महंगाई रहने की आशंका के चलते अमेरिकी केंद्रीय बैंक की Monetary Policy आगे भी सख्त बनी रह सकती है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहता। Dollar, US Bond Yield और Global Financial Market में बदलाव का असर भारत समेत दुनिया के दूसरे बाजारों पर भी पड़ सकता है। Gold, Silver और Crude Oil जैसी Commodities की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।



