गोविंद पटेल, कुशीनगर. सरकार भले ही कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन बड़हरा बाबू गांव में सामने आई घटना ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जमीन विवाद को लेकर दर्जनभर लोगों पर तलवार लेकर पड़ोसी के घर में घुसने, तोड़फोड़ और लूटपाट करने का आरोप लगा है. हथियार देखकर पीड़ित परिवार के सदस्य छत पर छिपकर अपनी जान बचाने को मजबूर हुए.

इसे भी पढ़ें- ‘मोदी टैक्स’ पर भड़के दयानंद शुक्ला : चीनी से पेट्रोल तक बढ़ते दामों पर कहा- हर वर्ग महंगाई से परेशान

कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बड़हरा बाबू गांव निवासी रामनरेश कुशवाहा के परिवार का आरोप है कि जमीन के विवाद को लेकर दबंगों ने उनके घर पर धावा बोल दिया. हाथों में तलवार देखकर परिवार के लोग भयभीत होकर मकान की छत पर जा छिपे. आरोप है कि इसी दौरान हमलावरों ने घर में घुसकर सामान में तोड़फोड़ की और लूटपाट की. पीड़ित के मुताबिक घटना के बाद वह कार्रवाई की गुहार लेकर करीब एक सप्ताह तक थाने से लेकर पुलिस अधिकारियों के कार्यालय तक चक्कर लगाता रहा.

इसे भी पढ़ें- भाजपा के समय में विकास नहीं, बल्कि विनाश पर… सपा सुप्रीमो का तीखा हमला, सड़कें, पुल, भवन निर्माण को लेकर दिया बड़ा बयान

उनका दावा है कि घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. मीडिया में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज किया. घटना के बाद से पीड़ित परिवार डरा-सहमा है. परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ सुरक्षा की मांग की है. पुलिस की जांच के बाद ही घटना में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.