Tulsi Gabbard resigns: अमेरिकी खुफिया विभाग (US intelligence) की निदेशक तुलसी गबार्ड ने इस्तीफा दे दिया है। ट्रंप की सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक के दौरान इस्तीफा दे दिया। तुलसी अमेरिका की ‘डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस’ हेड हैं, उनके अंडर 18 सीक्रेट एजेंसियां काम करती हैं। 30 जून 2026 उनका आखिरी कार्य दिवस होगा। तुलसी के इस्तीफा देने के बाद भी ट्रंप ने उनकी जमकर तारीफ की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तुलसी गबार्ड के पति अब्राहम विलियम्स कैंसर से जूझ रहे हैं। अब्राहम को बोन कैंसर की एक बेहद दुर्लभ प्रकार की बीमारी से जूझ रहे हैं। अपनी पति की सेहत और उनकी उचित देखभाल को लेकर तुलसी गबार्ड ने अमेरिकी के खुफिया विभाग की निदेशक पद से इस्तीफा दिया है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के दौरान अपने इस्तीफे की जानकारी दी। गबार्ड ने अपने चिट्ठी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद भी किया और कहा कि नेशनल इंटेलिजेंस ऑफिस का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही। गबार्ड ने लिखा- मैं आपके द्वारा मुझ पर जताए गए भरोसे और पिछले डेढ़ साल तक राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए बेहद आभारी हूं। हालांकि दुर्भाग्यवश मुझे 30 जून 2026 से अपना इस्तीफा देना पड़ रहा है।

 उन्होंने लिखा, “दुर्भाग्यवश, मुझे 30 जून, 2026 से प्रभावी अपना इस्तीफा देना होगा। मेरे पति अब्राहम को हाल ही में हड्डियों के कैंसर के एक अत्यंत दुर्लभ प्रकार का पता चला है। गबार्ड ने आगे कहा कि उनके पति को “आने वाले हफ्तों और महीनों में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने लिखा-इस समय मुझे सार्वजनिक सेवा से हटकर उनके साथ रहना होगा और इस लड़ाई में उनका पूरा समर्थन करना होगा।

ट्रम्प ने 13 फरवरी 2025 को तुलसी गबार्ड को खुफिया विभाग की जिम्मेदारी दी थी।

पति के प्रति भावुक संदेश भी लिखा

तुलसी गबार्ड ने अपने पत्र में पति के प्रति भावुक संदेश भी लिखा। उन्होंने लिखा- अब्राहम पिछले 11 वर्षों की शादी में हमेशा मेरे मजबूत सहारे रहे हैं। पूर्वी अफ्रीका में संयुक्त विशेष अभियान मिशन के दौरान मेरी तैनाती, कई राजनीतिक अभियानों और अब इस पद पर सेवा के दौरान उन्होंने हर मुश्किल में मेरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्यार और समर्थन हमेशा उन्हें ताकत देता रहा है और वह ऐसे समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकतीं. गबार्ड ने लिखा, ‘मैं अच्छे विवेक के साथ उनसे यह उम्मीद नहीं कर सकती कि वे इस लड़ाई का अकेले सामना करें। जबकि मैं इस बेहद जिम्मेदारी वाले पद पर बनी रहूं।


तुलसी गबार्ड का भारत से नाता

तुलसी गबार्ड का जन्म अमेरिका के समोआ में हुआ था। तुलसी के पिता यूरोपीय मूल और मां भारतीय है। सेना में रहते हुए उन्होंने इराक में सेवाएं दीं। तुलसी गबार्ड डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व नेता हैं। वह अमेरिका की पहली हिंदू सांसद हैं। तुलसी कमला हैरिस की मुखर विरोधी हैंय़ साल 2019 में तुलसी ने राष्ट्रपति पद की पहली डिबेट में कमला हैरिस को शिकस्त दी थी। तुलसी ने 2022 में डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ी थी। बाद में वह रिपब्लिकन में शामिल हो गईं।

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