US-Iran War: अमेरिका और ईरान युद्ध फिर से भड़क गया है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। अमेरिकी सेना (US Army) ने मंगलवार को 2 दिनों में दूसरी बार ईरान पर हमला बोला। अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने बदला पार्ट-2 शुरू किया। अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने पूरे मिडिल ईस्ट में ऐसी तबाही मचाई कि जॉर्डन (Jordan)-कुवैत (Kuwait) से लेकर बहरीन (Bahrain) तक कोहराम मच गया। हर तरफ सिर्फ बरबादी के निशान नजर आने लगे।

दरअसल अमेरिकी सेना ने मंगलवार को होर्मुज के पास आईआरजीसी (IRGC) के ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में तेहरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस और मरीन बेस पर मिसाइलें दागीं। बहरीन में ड्रोन हमला किया और कुवैत में भी हमले किए। IRGC के बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारने का दावा किया है। जबकि अमेरिका ने इसे झूठ का पुलिंदा करार दिया।

यह पूरा टकराव तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास IRGC के ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक लहर पूरी की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर लगातार दूसरे दिन हमला किया। इनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, माइन बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने क्वेश्म आइलैंड, बंदर अब्बास, चाबहार, जास्क, सिरिक, असलुयेह, कोनारक और लावन में धमाकों की खबर दी, वहीं जिरोफ्त शहर के एक सिविलियन एयरपोर्ट पर भी हमला बताया गया।

ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते से इनकार किया

हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर लिखा-यह ईरान के होर्मुज में समुद्री माइनें बिछाने की नाकाम कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमले का जवाब है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने फिर पलटवार किया तो उसे और भी सख्त और बड़े स्तर पर जवाब मिलेगा। हालांकि यह अब तक का सबसे बड़ा हमला नहीं होगा, असली बड़ा हमला अभी बाकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा कंट्रोल है और ईरान की अर्थव्यवस्था ढह रही है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में मौजूद प्रिंस हसन एयरबेस और वहां मौजूद अमेरिकी मरीन ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला हुआ, तो कुवैत ने भी अपने ऊपर हुए ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। जॉर्डन की सेना के मुताबिक उसकी एयर डिफेंस ने अपनी सीमा में घुसी 13 में से 10 बैलिस्टिक मिसाइलें हवा में ही मार गिराईं। जबकि तीन मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर वीरान जगहों पर जाकर गिरीं।

ईरानी सेना ने अमेरिका को भारी नुकसान की चेतावनी दी

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB पर पढ़े गए एक बयान में ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी। बयान में कहा गया कि सिस्तान और बलूचिस्तान तथा होर्मोजगान प्रांतों में अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरानी सशस्त्र बल अमेरिका के खिलाफ करारा और विनाशकारी हमला करेंगे।

अमेरिका-ईरान में फिर क्यों बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें (सी-माइंस) बिछाने की कोशिश की। ऐसी माइन जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं और समुद्री यातायात को रोक सकती हैं। इसके बाद ट्रम्प ने होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।

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