अमेरिका ने सीरिया को “आतंकवाद प्रायोजक देश” की लिस्ट से हटा दिया है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इससे निवेश, आर्थिक बहाली और वैश्विक तंत्र में सीरिया की वापसी का रास्ता खुलेगा. अमेरिका ने 47 साल बाद सीरिया को ‘स्टेट टेरर स्पॉन्सर’ की सूची से हटा दिया है. जिससे लंबे समय से चले आ रहे कई प्रतिबंधों का रास्ता साफ हो गया है. अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि सीरिया ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से दूरी बनाई है.
सीरिया ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे नए अंतरराष्ट्रीय रिश्तों की शुरुआत बताया. सीरिया ने इसे दशकों से चली आ रही अंतरराष्ट्रीय अलग-थलग स्थिति को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.
अमेरिका ने सीरिया को 1979 में स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म की लिस्ट में डाला था. इस कारण सीरिया पर कई तरह के आर्थिक और वित्तीय प्रतिबंध लागू थे, जिससे उसका वैश्विक निवेश, बैंकिंग लेनदेन और आर्थिक सहयोग प्रभावित हुआ. अब अमेरिकी सरकार के रुबियो के मुताबिक सीरिया ने ISIS और अल-कायदा समेत कई आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अभियान चलाए हैं. ग्लोबल कोएलिशन टू डिफीट ISIS में भी शामिल हुआ है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि उन्होंने अनिवार्य 45 दिवसीय कांग्रेस अधिसूचना अवधि के बाद इस पदनाम को रद्द करने की अनुमति दी. इस फैसले को सीरिया के आर्थिक पुनर्निर्माण और विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. अमेरिका ने इसके साथ ही अल-शरा के हयात तहरीर अल-शाम यानी HTS को भी स्पेशली डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट की लिस्ट से हटा दिया है.
अमेरिका के इस फैसले से सीरिया में विदेशी निवेश और निजी कंपनियों के लिए रास्ते खुल सकते हैं. यह फैसला ऐसे समय आया है जब इजरायल और सीरिया के बीच तनाव भी बढ़ा हुआ है. इजरायल द्वारा सीरिया के एयरबेस पर हमला के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया था.
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