भुवनेश्वर। ओडिशा में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक आधुनिक तथा तेज बनाने की दिशा में राज्य सरकार के ग्राम्य विकास विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग के विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता लेने के लिए एक विशेष प्रस्ताव तैयार किया गया है।
ChatGPT Plus और Google AI Pro का होगा उपयोग
प्रशासनिक कामकाज में दक्षता लाने के लिए विभाग ने ChatGPT Plus Hindi और Google AI Pro जैसे उन्नत AI प्लेटफॉर्म्स का सब्सक्रिप्शन खरीदने के लिए वित्तीय मंजूरी मांगी है। इसके अलावा अधिक क्लाउड स्टोरेज, उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं और एआई-आधारित डिजिटल सेवाओं के विस्तार का प्रस्ताव भी दिया गया है।
इंजीनियर-इन-चीफ का पत्र
जानकारी के अनुसार, इंजीनियर-इन-चीफ कार्यालय की ओर से ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव को इस संबंध में एक पत्र भेजा गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि एआई टूल्स के इस्तेमाल से फाइलों की तैयारी, प्रोजेक्ट रिपोर्ट निर्माण, डेटा विश्लेषण, प्रेजेंटेशन और कार्यालयीन कामकाज को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
ई-गवर्नेंस के एक नए युग की शुरुआत
यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे देती है, तो ग्राम्य विकास विभाग राज्य के उन शुरुआती सरकारी विभागों में शामिल हो जाएगा, जहां नियमित रूप से AI टूल्स का उपयोग किया जाएगा।
इससे न केवल समय की बचत होगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि ई-गवर्नेंस प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी। फिलहाल सभी की नजरें सरकार अध्यायके अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। मंजूरी मिलते ही ओडिशा के प्रशासनिक इतिहास में एआई के उपयोग का एक नया शुरू हो सकता है।
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