सतीश सिंह, लखनऊ. स्वतंत्रता दिवस इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस के उन जांबाजों के लिए भी खास होगा, जिन्होंने अपराधियों के सामने अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला. प्रदेश के 12 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके साहसिक अभियानों के लिए गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन जांबाज पुलिसकर्मियों को सम्मानित करेंगे. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के 81 पुलिसकर्मियों को पुलिस पदक फॉर मेरिटोरियस सर्विस से भी सम्मानित किया जाएगा.
इन वीरता पुरस्कारों के पीछे पुलिस की उन मुठभेड़ों की कहानियां हैं, जिनमें इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने इनामी और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ सीधे मोर्चा लिया. सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर मुख्य आरक्षी तक शामिल हैं. इनमें मुनिराज जी, सत्यजीत गुप्ता, नरेंद्र कुमार निषंक, आदेश त्रिपाठी, प्रशांत कुमार, बृजेश कुमार सिंह, संजय सिंह, दीपक कुमार, अक्षय परवीर कुमार त्यागी और सुनील कुमार समेत पुलिसकर्मी शामिल हैं.
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गैलेंट्री मेडल पाने वालों में मुनिराज जी का नाम प्रमुख है. 21 जुलाई 2021 को आगरा के जगनेर थाना क्षेत्र में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान एक लाख रुपये के इनामी अपराधी बदन सिंह और उसके साथी अक्षय सिंह उर्फ चंकी पाण्डेय के खिलाफ कार्रवाई की गई. मुठभेड़ में बदन सिंह मारा गया था. 10 नवंबर 2025 को मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में भी पुलिस टीम और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस कार्रवाई में एक लाख रुपये के इनामी अपराधी दीनू धायल को गोली लगी और वह घायल हुआ. इस अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों को भी उनकी बहादुरी के लिए गैलेंट्री मेडल दिया जा रहा है.
अनिल दुजाना के एनकाउंटर में भी दिखाया साहस
पुरस्कार पाने वाले पुलिसकर्मियों में वे अधिकारी-कर्मचारी भी हैं, जिन्होंने गौतमबुद्धनगर के बिसरख क्षेत्र में कुख्यात अपराधी अनिल दुजाना के खिलाफ अभियान में हिस्सा लिया था. एक लाख रुपये के इनामी अपराधी के साथ हुई मुठभेड़ में पुलिस टीम ने साहस और रणनीति का परिचय दिया. इस कार्रवाई से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को भी गैलेंट्री मेडल के साथ सम्मानित किया जा रहा है. 4 मई 2023 को मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम की अपराधियों से मुठभेड़ हुई थी. इस कार्रवाई में अपराधी अनिल दुजाना गैंग से जुड़े अनिल दुजाना के सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने बहादुरी दिखाई. इसी तरह के साहसिक अभियानों में शामिल पुलिसकर्मियों को इस वर्ष वीरता सम्मान के लिए चुना गया है.
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इस सम्मान सूची में एक नाम ऐसा भी है, जिसके लिए यह पदक केवल उपलब्धि नहीं बल्कि बलिदान की स्मृति है. एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार को मरणोपरांत गैलेंट्री मेडल दिया जाएगा. शामली में अपराधियों के साथ मुठभेड़ के दौरान वह गोली लगने से बलिदान हो गए थे. स्वतंत्रता दिवस पर होने वाला यह सम्मान समारोह पुलिस बल के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसमें अपराधियों के खिलाफ अभियानों में जोखिम उठाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलेगा.


