स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले योगी सरकार ने चयन वर्ष 2026-27 के नियमित चयन के तहत 332 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी है. पदोन्नत अधिकारियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के साथ लेवल-10 का वेतनमान मिलेगा.

सतीश सिंह, लखनऊ. स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले योगी सरकार ने राजस्व विभाग के नायब तहसीलदारों को बड़ा तोहफा दिया है. चयन वर्ष 2026-27 के नियमित चयन के तहत प्रदेश के 332 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति दी गई है. इस संबंध में राजस्व परिषद की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है.

पदोन्नति का निर्णय 6 और 7 अगस्त 2026 को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक की संस्तुतियों के आधार पर लिया गया है. आदेश जारी होने के साथ ही लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को राहत मिली है. माना जा रहा है कि इससे राजस्व विभाग में प्रशासनिक कामकाज को भी मजबूती मिलेगी.

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दो साल की परिवीक्षा

राजस्व परिषद की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पदोन्नत किए गए सभी अधिकारी तहसीलदार पद का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे. इस दौरान उन्हें पदोन्नति से संबंधित निर्धारित शर्तों और शासनादेशों का अनुपालन करना होगा.

परिवीक्षा अवधि में अधिकारियों के कार्य और आचरण के आधार पर निर्धारित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

लेवल-10 का वेतनमान

तहसीलदार पद पर पदोन्नति के बाद अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स के लेवल-10 का लाभ मिलेगा. इस स्तर पर वेतनमान 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये तक निर्धारित है.

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पदोन्नति के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और उन्हें तहसील स्तर पर राजस्व प्रशासन, भूमि संबंधी मामलों, कानून-व्यवस्था से जुड़े दायित्वों समेत विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी.