आगामी 02 जुलाई को राज्य भर में आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अंतिम चरण की तैयारियों का आकलन करने के लिए आज उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई. इस दौरान राज्य के सभी 13 जनपदों एवं विभिन्न रेखीय विभागों की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली, आपसी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और राहत एवं बचाव कार्यों की कार्ययोजना का विस्तृत परीक्षण किया गया.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में 02 जुलाई को राज्य में अब तक की सबसे व्यापक माॅक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा. सभी जनपदों में मानसून के दौरान आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए राज्य के अलग-अलग 66 स्थानों पर माॅक ड्रिल होगी. खास बात यह है कि जिन स्थानों पर यह माॅक ड्रिल आयोजित की जा रही है, उनमें से 95% स्थान नए हैं. मुख्यमंत्री माॅक ड्रिल का निरीक्षण करेंगे.

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सचिव,आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभिन्न रेखीय विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने, उपकरणों व संसाधनों का आपदा के समय बेहतर से बेहतर उपयोग करने और वास्तविक आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभावी आपदा प्रबंधन की आधारशिला पूर्व तैयारी है. यदि सभी विभाग समय रहते अपनी व्यवस्थाओं का परीक्षण एवं सुधार कर लें, तो किसी भी आपदा के दौरान जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

टेबल टाॅप एक्सरसाइज के दौरान विभिन्न रेखीय विभागों की तैयारियों को परखा गया. गोताखोर, जल पुलिस, जेसीबी, बोट, राफ्ट आदि के परिचालन पर भी विमर्श हुआ. राहत शिविरों में रेस्क्यू किए गए लोगों के लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, इन सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. USDMA के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-क्रियान्वयन DIG राजकुमार नेगी ने माॅक ड्रिल के लिए क्या-क्या तैयारियां करनी हैं, इसके बारे में विस्तार से जनपदों को बताया. मौसम विज्ञान विभाग देहरादून के डाॅ. रोहित थपलियाल ने बताया कि मानसून ने 30 जून को उत्तराखण्ड में दस्तक दे दी है. इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. जून में उत्तराखण्ड में 83 MM बारिश हुई है, जबकि जून का औसत 132 MM है.

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इस दौरान SDRF, NDRF एवं अग्निशमन विभाग द्वारा आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई. नोडल अधिकारियों ने उपकरणों का अवलोकन कर उनके संचालन, उपयोगिता एवं आपदा के दौरान उनकी भूमिका की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. SDRF के डिप्टी कमांडेंट शुभांक रतूड़ी ने बताया कि USDMA द्वारा संचालित सचेत एवं भूदेव ऐप्स डाउनलोड अभियान के तहत SDRF के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों ऐप्स अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर लिए हैं. इसके साथ ही विभाग ने शत-प्रतिशत डाउनलोड का लक्ष्य हासिल कर लिया है.