वैशाली। बिहार की राजनीति का असर अब शादियों के डीजे तक पहुंच गया है। वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कथौलिया बांध इलाके में एक शादी की खुशियां उस वक्त चीख-पुकार में बदल गईं, जब दो समुदायों के बीच गाने को लेकर हिंसक झड़प हो गई। पासवान और यादव समुदाय के बीच हुई इस पत्थरबाजी में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि दूल्हे की मां के साथ बदसलूकी और लूटपाट का भी आरोप है।

​विवाद की जड़: चिराग पासवान का गाना और ‘यादव टोला’

​घटना उस वक्त शुरू हुई जब पासवान मोहल्ले के निवासी पिंटू कुमार की बारात समस्तीपुर के लिए रवाना होने वाली थी। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार ‘बिलौकी’ की रस्म चल रही थी और डीजे पर चिराग पासवान की प्रशंसा वाला गाना- ‘तोर मजनुआ हकौ चिराग भईया के फैन गे पगली’ बज रहा था। जैसे ही बारात यादव बहुल इलाके से गुजरी, वहां के स्थानीय लोगों ने संगीत का विरोध करते हुए उसे तुरंत बंद करने को कहा।

​हिंसा और गहने लूटने के आरोप

​दूल्हे की मां, बुधनी देवी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि यादव समुदाय के लोगों ने यह कहते हुए बारात रोक दी कि उनके मोहल्ले में पासवान का गाना नहीं चलेगा। विरोध करने पर मामला इतना बढ़ा कि लाठी-डंडे और पत्थर चलने लगे। बुधनी देवी का आरोप है कि हमलावरों ने उनके बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर पटका और उनके कीमती गहने भी छीन लिए।

​सियासी भेदभाव का दावा

​स्थानीय ग्रामीण नरेश पासवान ने इस घटना को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, जब लालू यादव या तेजस्वी यादव के गाने बजते हैं, तो हमें कोई आपत्ति नहीं होती। लेकिन जब हम चिराग पासवान का गाना बजाते हैं, तो दूसरे पक्ष के लोग ईंट-पत्थर और डंडे बरसाने लगते हैं। वहीं, दूसरे पक्ष का तर्क है कि गाने के जरिए उनके नेता तेजस्वी यादव को जानबूझकर नीचा दिखाया जा रहा था।

​पुलिस की कार्रवाई और दहशत का माहौल

​घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पत्थरबाजी की वजह से गांव में दहशत फैल गई थी और बाराती आगे बढ़ने से डर रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा घेरे में बारात की गाड़ियों को समस्तीपुर के लिए रवाना करवाया। पुलिस के अनुसार, फिलहाल दोनों पक्षों से 5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में गश्त बढ़ा दी है।