वैशाली। जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन गेम में लाखों रुपए हारने के बाद कर्ज में डूबे दो दोस्तों ने अपने ही पड़ोस में रहने वाले एक मजदूर के 8 साल के मासूम बेटे का अपहरण कर लिया। फिरौती की रकम तय होने के बावजूद अपहरणकर्ताओं ने पहचान उजागर होने के डर से बच्चे की हत्या कर शव को गंगा नदी में फेंक दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

​ऑनलाइन गेम की लत और लाखों का कर्ज बना अपहरण की वजह

​पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी विशाल कुमार और सूरज कुमार आपस में गहरे दोस्त हैं और दोनों का घर आमने-सामने है। ये दोनों एवीऐटर नामक ऑनलाइन गेम खेलने के आदी थे और इस गेम में वे करीब एक लाख रुपए गंवा चुके थे। भारी कर्ज में डूबने के बाद इस आर्थिक तंगी से उबरने के लिए उन्होंने एक मजदूर अनिल पंडित के 8 साल के इकलौते बेटे अंकुश का अपहरण करने की साजिश रची, जो दूसरी कक्षा में पढ़ता था।

घर के बाहर से हुआ था अपहरण

बीते 20 जुलाई को अंकुश दोपहर करीब 11 बजे अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर दोपहर 2 बजे राघोपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद रात 8 बजे परिजनों के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने शुरुआत में 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी।
​अपराधियों ने दबाव बनाने के लिए रात में कई बार कॉल्स किए और फिरौती की रकम को घटाते गए। उन्होंने पहले रकम 5 लाख, फिर 3 लाख और अंत में मात्र 39,000 रुपए पर सौदा तय करने की बात कही। परिजन पैसे देने के लिए राजी भी हो चुके थे, लेकिन इसी बीच मासूम बच्चे ने किडनैपर्स को पहचान लिया।

​पहचान छिपाने के लिए की गई हत्या और शव गंगा में फेंका

​जांच में सामने आया कि आरोपी बच्चे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर पहाड़पुर बाजार ले गए थे, जहां एक मुर्गा विक्रेता के मोबाइल से ओटीपी लेकर वॉट्सऐप अकाउंट बनाया और उसी से फिरौती की मांग की। लेकिन जब बच्चे ने आरोपियों की पहचान उजागर कर दी, तो पकड़े जाने के डर से उन्होंने मासूम की हत्या कर दी। आरोपियों ने शव को पुल के पाया नंबर 61 के पास गंगा नदी में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और नदी में शव की तलाश शुरू कर दी।

​पुलिस पर लगे लापरवाही के गंभीर आरोप

​घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों और गांव की महिलाओं का कहना है कि वे अपहरण के तुरंत बाद थाने गई थीं, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय घर के पुरुष सदस्यों को भेजने की बात कहकर टाल दिया। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी किराना दुकानदार मनोज कुमार राय, उसके बेटे विशाल कुमार और सूरज कुमार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।