Dharm Desk – प्रेम, आकर्षण और दांपत्य सुख के कारक शुक्र ग्रह सूर्य के नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष दृष्टि से यह गोरच इसलिए खास होगा, क्योंकि शुक्र और सूर्य के स्वभाव में विरोधाभास होता ह, एक सौम्यता और प्रेम का प्रतीक है तो दूसरा तेज, मान सम्मान और अहंकार का कारक है। शुक्र 29 तारीख को नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। ऐसे में जब शुक्र-सूर्य के नक्षत्र में आते हैं, तो रिश्तों में संतुलन बनाए रखना चुनौती पूर्ण हो सकता है। खासकर इन तीन राशियों कन्या, मकर और मीन के लिए यह समय थोड़ा सा कठिन बन जाता है, यह समय प्रेम और वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है । इस दौरान छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ने और गलत फहमियों के कारण दूरी बनने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए इन राशियों के जातकों को संयम और समझदारी से काम लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन किन राशियों की तकदीर भी बदलेगा जिसमें वृषभ, मिथुन, सिंह राशि शामिल है।

कन्या राशि: द्वादश भाव में प्रभाव
कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर द्वादश भाव को प्रभावित कर रहा है, जो खर्च, एकांत और मानसिक उलझनों का भाव माना है। ऐसे में शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन आपके रिश्तों में छुपी हुई भावनाओं को सहत पर ला सकता है। पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर बहस होने की संभावना है, और अमह का टकराव दूरी बढ़ा सकता है । इस समय सबसे जरूरी है कि आप पार्टनर की बातों को गलत अर्थ में लेने से बचें। अपनी बात थोपने के बजाय संवाद को महत्व दें। यदि आप पुरानी बातों को बार-बार उठाएंगे तो स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए वर्तमान पर ध्यान देना, ही रिश्ते को संभालने का बेहतर तरीका रहेगा।
मकर राशि: सप्तम भाव पर असर पड़ेगा
मकर राशि वालों के लिए शुक्र का यह गोचर सीधे सप्तम भाव यानी दांपत्यजीवन और साझेदारी के भाव को प्रभावित कर रहा हैl कार्य क्षेत्र में बढ़ती व्यस्तता आपके स्वभाव में रूखापन ला सकती है, जिसका असर सीधे आपके रिश्तों पर पड़ेगा। पार्टनर को यह महसूस हो सकता है कि आप उन्हें पर्याप्त सयम नहीं दे पा रहे हैंl जिससे नोकझोंक बढ़ सकती है। साथ ही कुछ गलत फहमियां भी दूरी का कारण बन सकती हैं। इस समय रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए आपको सचेत प्रयास करने होंगे। पार्टनर के साथ समय बिताना और उनकी भावनाओं को समझना इस अवधि में बेहद जरूरी रहेगा।
मीन राशि: षष्ठ भाव की सक्रियता
मीन राशि के लिए यह गोचर षष्ठ भाव को सक्रिय कर रहा है, जो विवाद, तनाव और विरोध का भाव माना है। ऐसे में प्रेम और शादीशुदा जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है । पार्टनर के प्रति शक करने या दूसरों की बातों में आकर निर्णय लेने से बनाच होगा। किसी तीसरे व्यक्ति की सलाह आपके रिश्ते में गलतफहमी पैदा कर सकती है। जो लोग हाल ही में प्रेमसंबंध में आए है।बउनके लिए यह समय थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। छोटी-सी बात भी दूरी का कारण बन सकती है। इसलिए धैर्य और विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।
इन बातों का रखें ध्यान
इस पूरे गोचर काल में एक बात स्पष्ट है, रिश्तों में अहंकार से ज्यादा संवाद और समझ जरूरी दिखानी होगी। अगर आप संयम रखेंगे l पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करेंगे, तो यह समय रिश्तों को तोड़ने के बजाय उन्हें और मजबूत भी बना सकता है।


