विनोद सैनी ,हिसार। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति बलदेव राज कम्बोज ने साइकिल चलाकर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रो. काम्बोज अपने निवास स्थान से साइकिल पर सवार होकर विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को भी साइकिल अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने कहा कि साइकिल केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास का प्रतीक है। नियमित साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है, हृदय मजबूत होता है, मोटापा नियंत्रित रहता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। यह सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभकारी व्यायाम है।
प्रदूषण और महंगे ईंधन का बेहतर विकल्प है साइकिल
उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के दौर में साइकिल एक किफायती और प्रभावी विकल्प बनकर उभरी है। साइकिल चलाने में न तो ईंधन की जरूरत होती है और न ही इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गैसों का उत्सर्जन होता है। यही वजह है कि इसे पर्यावरण मित्र वाहन कहा जाता है।
छोटी दूरी के लिए साइकिल अपनाने की अपील
कुलपति ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जहां संभव हो, छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का उपयोग करें। इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। उन्होंने कहा कि विश्व साइकिल दिवस पर सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे स्वयं साइकिल का उपयोग करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
विश्वविद्यालय में हर शुक्रवार मनाया जाता है ‘नो व्हीकल डे’
प्रो. काम्बोज ने बताया कि विश्वविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाता है। इस दिन अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी निजी मोटर वाहनों का उपयोग नहीं करते और पैदल, साइकिल या अन्य पर्यावरण-अनुकूल साधनों का प्रयोग करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि युवाओं और कर्मचारियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती है तथा समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

