चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शिक्षा विभाग ने बाल देखभाल अवकाश (Child Care Leave-CCL) को लेकर जारी विवादित आदेश वापस ले लिया है। अब CCL लेने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को उपायुक्त (DC) की अनुशंसा नहीं लेनी पड़ेगी।

शिक्षक संगठनों के लगातार विरोध और मांग के बाद शिक्षा विभाग ने 9 मार्च को जारी उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें बाल देखभाल अवकाश की मंजूरी के लिए जिला उपायुक्त की सिफारिश अनिवार्य की गई थी।

अधिकारियों को निर्देश पत्र जारी
माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जितेंद्र कुमार ने सोमवार को सभी उपायुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर नए निर्देशों की जानकारी दी। साथ ही आदेश का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विभाग के इस फैसले के बाद अब शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को CCL के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे अवकाश स्वीकृति में होने वाली अनावश्यक देरी भी खत्म होगी और कर्मचारियों को समय पर राहत मिल सकेगी।

शिक्षक संगठनों ने निर्णय का किया स्वागत
शिक्षक संगठनों ने विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम बताया है। माना जा रहा है कि नए आदेश से हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।