राकेश चतुर्वेदी, भोपाल/ विदिशा। वात्सल्य गणपति महोत्सव का आज डोल ग्यारस के अवसर पर भव्य समापन हुआ। भगवान गणेश की विदाई के लिए निकले चल समारोह में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। बैंड-बाजों के साथ निकले इस चल समारोह में जहां श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए, वहीं साइबर फ्रॉड को लेकर तैयार की गई जागरूकता झांकी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

विदिशा में वात्सल्य गणपति महोत्सव के समापन पर भगवान श्री गणेश को नम आंखों से विदाई दी गई। डोल ग्यारस के अवसर पर निकले चल समारोह में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और श्रद्धालु शामिल हुए। बैंड-बाजों की धुन पर छात्र-छात्राएं झूमते-गाते मुख्य मार्गों से निकले। इस दौरान पूरा शहर गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा। लेकिन इस चल समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा साइबर फ्रॉड को लेकर तैयार की गई जागरूकता झांकी की रही।

झांकी के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। इसमें खास तौर पर अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने का संदेश दिया गया। छात्र-छात्राओं के माध्यम से लोगों को बताया गया कि एक छोटी सी लापरवाही उनके बैंक खाते को खाली कर सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा करने से पहले सावधानी जरूरी है।

आयोजन में शामिल हजारों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भी साइबर जागरूकता के इस संदेश को लोगों तक पहुंचाया। धार्मिक आयोजन के बीच सामाजिक जागरूकता का यह प्रयास लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। इसके बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से बप्पा को विदाई दी और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया। वात्सल्य गणपति महोत्सव की इस विदाई में जहां भक्ति और आस्था का रंग दिखाई दिया, वहीं साइबर फ्रॉड से बचाव का संदेश भी हजारों लोगों तक पहुंचा।

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