मनेन्द्र पटेल, दुर्ग। प्रांतीय अतिथि शिक्षक विद्यामितान कल्याण संघ के बैनर तले स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग सहित प्रदेश के अन्य जिलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। संविलियन की मांग पर अड़े अतिथि शिक्षकों ने कलमबंद हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे स्कूलों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
यह भी पढ़ें : युक्तियुक्तकरण नीति पर हाईकोर्ट की मुहर, सरकार के निर्णय को ठहराया सही, शिक्षकों की सभी याचिकाएं खारिज
अतिथि शिक्षकों की मांग है कि वह बस्तर के सुदूर अंचलों में और अन्य जिलों में 12 साल से आज तक स्कूली छात्रों को पढ़ा रहे हैं, इसके अलावा कई स्कूलों में उनसे तमाम विभागीय कार्य भी करवाया जाता है. लेकिन मेहनताने के नाम पर उन्हें 20 हजार रुपए दिया जाता है। उनकी मांग है कि उनका भी शासकीय शिक्षकों के तौर पर संविलियन किया जाए, साथ ही समान काम समान वेतन दिया जाए।

बता दें कि प्रदेश भर में लगभग 1532 विद्यामितान अतिथि शिक्षक कार्य कर रहे हैं। इन शिक्षकों का कहना है कि उन्हें न तो कोई अवकाश सुविधा उपलब्ध है, और न ही उन्हें कोई सुविधा दी जा रही है। वे इस मामले पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से भी मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई विभागीय कार्यवाई नही की गई है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को कांग्रेस का मिला समर्थन
अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को अपना समर्थन देने पहुंचे दुर्ग कांग्रेस जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने बताया कि पिछली सरकार ने विद्या मितान अतिथि शिक्षकों की मांग पर वेतन बढ़ाकर 20000 किया था। अब शिक्षक संविलियन की मांग कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री के जिले में उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अधिकारी उन्हें दफ्तरों के चक्कर कटवा रहे हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

