Vikramsheela Bridge: बिहार में कोसी-सीमांचल समेत तमाम पूर्वोत्तर राज्यों को पूर्वी बिहार से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने आज रविवार (7 जून) को पुल पर बने बेली ब्रिज का शुभारंभ कर इसे जनता को समर्पित किया। आज से विक्रमशिला सेतु पर हल्के वाहन चल सकेंगे। पुल पर सुचारू रूप से ट्रैफिक संचालन हो सके इसके लिए पचास पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

कम समय में तैयार हुआ चारों बेली ब्रिज

इस मौके पर पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कहा कि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सहयोग से राज्य सरकार, जिला प्रशासन, बीआरओ तथा पथ निर्माण विभाग के समन्वित प्रयासों से यह महत्वपूर्ण कार्य अभूतपूर्व गति से सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि ये चारों बेली ब्रिज अत्यंत कम समय में तैयार किए गए हैं, जो देश में त्वरित एवं प्रभावी अवसंरचना निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

इस अवसर पर बीआरओ, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं निर्माण कार्य से जुड़े सभी अभियंताओं, कर्मियों और सहयोगियों को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।

30 नवंबर को स्थायी रूप से चालू हो सकेगा पुल

बता दें कि हालही में सीएम सम्राट चौधरी खुद क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उस समय मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि, 30 नवंबर से यह पुल स्थायी रूप से चालू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, जब तक यह पुल स्थायी रूप से चालू नहीं हो जाता, तब तक लोगों और गाड़ियों को गंगा पार करने के लिए सारी व्यवस्था सरकार की तरफ से मुफ्त में होगी। सीएम सम्राट ने कहा था कि, मैं खुद 30 नवंबर को आऊंगा और पुल को चालू करूंगा।

3 मई की रात गिरा था पुल का स्लैब

गौरतलब है कि बीते 3 मई की रात 12:30 बजे आसपास भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। विक्रमशिला पुल के पाया नंबर 133 का एक स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया। हालांकि गनीमत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल की कोई क्षति नहीं पहुंची।

मिली जानकारी के अनुसार पहले विक्रमशिला पुल के पाया नंबर 133 पोल के पास धंसाव हुआ, जिसकी जानकारी मिलने के तुरंत बाद गाड़ियों के आवागमन को बंद कर दिया गया था। इसके कुछ देर बाद ही पुल का वह हिस्सा (133-134 के बीच का) स्लैब टूटकर नदी में गिर गया था। पुल के गिरने पर सरकार ने इसे 3 महीने में रिकवर करने की बात की थी। फिलहाल टूटे हुए हिस्से पर बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया है, जिससे छोटे वाहन और लोग आ और जा रहे हैं।

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