पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद। गरियाबंद जिले के राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोना में आयोजित सुशासन तिहार शुक्रवार को जनआक्रोश और जनसंघर्ष का बड़ा मंच बन गया। क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, युवा साथी, महिलाएं एवं जनप्रतिनिधि एकजुट होकर शिविर स्थल पहुंचे और शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की।

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कार्यक्रम से पूर्व क्षेत्रवासी पुराने प्राथमिक शाला गोना के पास एकत्रित हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में शिविर स्थल पहुंचे। मंच में पहुंचने के बाद क्षेत्र के देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना एवं सेवा-अर्जी की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब समस्याएं जमीन की हैं, तो चर्चा भी जमीन पर होगी। मंच पर न कोई जनप्रतिनिधि था, और न ही कोई अधिकारी, सभी लोग जमीन पर बैठकर क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा करते नजर आए।

आवेदनों पर प्रशासन से मांगा जवाब

क्षेत्रवासियों की ओर से कुल 17 प्रमुख आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार, आबादी पट्टा, खाद-बीज, धान खरीदी केंद्र, अधूरे निर्माण कार्य एवं जल जीवन मिशन जैसी गंभीर समस्याएं शामिल रहीं।

जिला कलेक्टर ने एक-एक आवेदन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को बुलाकर माइक में जवाब देने कहा कि संबंधित समस्याओं का समाधान कितने दिनों में किया जाएगा।

बैठक में वर्षों से लंबित विद्युतीकरण, खराब पड़े सोलर सिस्टम की क्षमता वृद्धि, शोभा हायर सेकंडरी एवं भूतबेड़ा हाई स्कूल भवन निर्माण, भूतबेड़ा-कोकड़ी में उप स्वास्थ्य केंद्र, गरहाडीह में धान खरीदी केंद्र, जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य, किसानों को पर्याप्त खाद एवं डीजल, सामुदायिक वन संसाधन पट्टा, वन विभाग द्वारा किसानों को प्रताड़ित किए जाने सहित कई मुद्दों पर प्रशासन को घेरा गया।

“तो हमें शासन के मुखिया से मिलाओ”

जनचौपाल के दौरान क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि जब अधिकांश मांगों पर अधिकारी बार-बार “शासन स्तर” का हवाला दे रहे हैं, तो फिर क्षेत्र के लोगों को सीधे शासन के मुखिया से मिलवाया जाए।

इस पर जिला कलेक्टर ने क्षेत्रवासियों को आश्वासन देते हुए कहा कि, जितने भी आवेदन क्षेत्रवासियों ने दिए हैं, उनमें कुछ जिला स्तर के हैं और बहुतायत आवेदन शासन स्तर के हैं। शासन स्तर के मामलों को शासन तक भेजा जाएगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो सोमवार या मंगलवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का प्रयास किया जाएगा।

कलेक्टर के इस बयान के बाद सभा में मौजूद लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की मांग और तेज कर दी।

“सिर्फ झूठा आश्वासन मिलता है” – संजय नेताम

बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य एवं युवा नेता संजय नेताम ने शासन-प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, क्या राजापड़ाव क्षेत्र भारत देश और छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा नहीं है क्या? आखिर क्यों आज भी यहां के लोग सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने मजबूर हैं? शासन-प्रशासन सिर्फ झूठा आश्वासन देता है, लेकिन धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं देता?

“हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे” – दैनिक मंडावी

किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दैनिक मंडावी ने कहा, हम किसी गलत मांग को लेकर नहीं लड़ रहे हैं। क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों की जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

“युवा अब जाग चुका है” – पतंग मरकाम

जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के अध्यक्ष पतंग मरकाम ने कहा, अब क्षेत्र का युवा अपने हक और अधिकार के लिए जाग चुका है। वर्षों की उपेक्षा और अनदेखी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक क्षेत्र का विकास नहीं होगा, संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

हजारों लोगों की मौजूदगी ने बढ़ाया दबाव

सुशासन तिहार के इस जनचौपाल में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीणों की हजारों की संख्या में उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए। वरना आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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