अयोध्या. श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में गबन का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है. शनिवार को ही योगी सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन कर दिया है. यह टीम 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. इस कमेटी में लखनऊ मंडलायुक्त IAS विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज IPS किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं. इधर मामले को लेकर पूर्व सांसद और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने ट्रस्ट के लोगों पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि जो लोग इस समय हैं ये सब चोर हैं.
विनय कटियार ने कहा कि राम जन्मभूमि का जो ट्रस्ट है और ट्रस्टी ही अगर उसमें कुछ गड़बड़ कर देंगे, चोरी कर देंगे, तो कैसे मंदिर बन सकता है? नहीं बन सकता है. इन सबको सीधे एसएसपी, डीआईजी के यहां तय करके कहेंगे इनको पकड़ो और सीधे जेल भेजो. विनय ने आगे कहा कि ये हल्का-फुल्का मामला नहीं है. इसमें बलिदान हुए हैं लोग. तब जाकर मंदिर का बढ़ना शुरू हुआ. और ये जितने इस समय हैं ये सब चोर हैं. विनय कटियार ने कहा कि हम इनको छोड़ने वाले नहीं हैं. सरकारें चली गई इस पर, नरसिंह राव से हमने विवाद ले लिया. जिससे हमारे बड़े संबंध थे.
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बता दें कि इससे पहले भी विनय कटियार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं. खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी होने का दावा करने वाले महिपाल सिंह ने भी बताया कि मंदिर में चोरी कोई नई बात नहीं थी, यह रोजाना होती थी. महिपाल के मुताबिक उन्होंने खुद चोरी पकड़ी थी. इसकी शिकायत राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और मेंबर गोपाल से की थी. लेकिन अगले ही दिन चंपत राय ने उन्हें हटा दिया. मंदिर में लगे CCTV कैमरों की 8 महीने पुरानी फुटेज डिलीट करवा दी गई. महिपाल का कहना है कि चंपत राय मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में मनमर्जी चलाते हैं. विरोध करने पर व्यक्ति को हटा दिया जाता है.

